राजस्थान के कई गांव आज भी ऐसी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं, जिन्हें शहरों में लोग सामान्य मानते हैं. केकड़ी जिले के केरोट और कूरथल गांव में जब पहली बार रोडवेज बस पहुंची, तो ग्रामीणों के लिए यह किसी बड़े उत्सव से कम नहीं था. बस के गांव में पहुंचते ही लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया और चालक व परिचालक को सम्मानित किया. लंबे इंतजार के बाद मिली इस सुविधा ने ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी ला दी.
केरोट और कूरथल गांव के लोगों को रोडवेज बस सेवा के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ा. अजमेर से करीब 80 से 100 किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद इन गांवों तक सरकारी बस सेवा नहीं पहुंच पाई थी. अब नई बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
1 अगस्त को केकड़ी रोडवेज डिपो में 13 नई बसें शामिल की गईं. इसके बाद उन मार्गों पर भी बस संचालन शुरू किया गया, जहां पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी. इसी क्रम में केरोट और कूरथल गांव को भी रोडवेज सेवा से जोड़ा गया. नई बसों के संचालन से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा.
जैसे ही रोडवेज बस पहली बार गांव पहुंची, ग्रामीणों ने इसे खास मौके में बदल दिया. लोगों ने बस पर फूल बरसाए, पूजा की और आरती उतारी. चालक और परिचालक का माला पहनाकर स्वागत किया गया. इस दौरान डीजे की धुन पर ग्रामीणों ने नाचकर अपनी खुशी जाहिर की.
ग्रामीणों के अनुसार, अब ब्यावर से कोटा जाने वाली रोडवेज बसें इन गांवों से होकर गुजरेंगी. इससे लोगों को यात्रा के लिए निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को इस सेवा से सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है.
ग्रामीणों ने इस बस सेवा के शुरू होने पर विधायक शत्रुघ्न गौतम का धन्यवाद किया. लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांग उनके प्रयासों के बाद पूरी हुई है. गांव तक रोडवेज बस पहुंचना उनके लिए विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.