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'लिखित आश्वासन तक नहीं उतरेंगे नीचे...' जयपुर में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर हाईवोल्टेज प्रदर्शन, 24 घंटे से टंकी पर बैठे छात्र

जयपुर के टोंक फाटक स्थित पानी की टंकी पर छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर तीन छात्र दूसरे दिन भी डटे रहे. प्रशासन लगातार समझाइश में जुटा है, लेकिन छात्र लिखित आश्वासन मिलने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
'लिखित आश्वासन तक नहीं उतरेंगे नीचे...' जयपुर में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर हाईवोल्टेज प्रदर्शन, 24 घंटे से टंकी पर बैठे छात्र
Courtesy: X (@ANI)

राजधानी जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग ने नया मोड़ ले लिया है. टोंक फाटक स्थित पानी की टंकी पर चढ़े तीन छात्र लगातार दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं और छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रही हैं. हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं और सरकार से ठोस लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं.

दूसरे दिन भी टंकी पर डटे रहे छात्र

NSUI से जुड़े विजयपाल कुड़ी, कोशेन खान और विओना जाट पानी की टंकी पर लगातार बैठे हुए हैं. तीनों का कहना है कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल किए जाएं और जंतर मंतर लाठीचार्ज मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो. उनका कहना है कि छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी लंबे समय से प्रभावित हो रही है.

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

प्रदर्शन स्थल पर पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं. किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए टंकी के चारों ओर सुरक्षा जाल लगाया गया है. मौके पर मेडिकल टीम, एंबुलेंस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके.

बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश

गांधीनगर के एसीपी नारायण बाजिया ने स्वयं टंकी पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की. पुलिस लाउडस्पीकर और मोबाइल फोन के माध्यम से भी लगातार संवाद कर रही है. प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और बिना किसी नुकसान के उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास जारी है.

चुनाव बहाली की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

छात्रों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं मिल रहा है. उनका मानना है कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी चाहिए.

हाईकोर्ट में मामला, फिर भी जारी आंदोलन

छात्रसंघ चुनाव से जुड़ा मामला फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार सकारात्मक पहल करते हुए स्पष्ट रुख अपनाए. दूसरी ओर प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है. फिलहाल तीनों छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं.