जयपुर: जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. 150 वार्डों में भाजपा ने 78 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है. कांग्रेस को 53 वार्ड मिले. अब सबसे बड़ी चर्चा मेयर पद की है. कौन इस कुर्सी पर बैठेगा, इस सवाल पर पार्टी के अंदर मंथन चल रहा है.
भाजपा के चुने हुए पार्षद अभी पार्टी की बैठकों में व्यस्त हैं. प्रदेश नेतृत्व मेयर पद के लिए नामों पर विचार कर रहा है. पहले दो नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में थे, वे खुद चुनाव हार गए. ज्योति खंडेलवाल और विमल कटियार पार्षद नहीं बन सके. इसलिए अब पूरी तस्वीर बदल गई है. अब पांच नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं.
पहला नाम सुनील कोठारी का है. वे वार्ड 112 से चुने गए हैं. कोठारी जेम्स और ज्वेलरी के बड़े कारोबारी हैं. चुनाव में वे सबसे अमीर उम्मीदवारों में शामिल रहे. तीन दशक से भाजपा से जुड़े हैं. वे प्रदेश उपाध्यक्ष और जयपुर शहर अध्यक्ष रह चुके हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनकी नजदीकी की बात कही जाती है. अगर पार्टी संगठन, सरकार और व्यापारिक वर्ग को साथ लेकर चलना चाहे तो कोठारी मजबूत दावेदार बन सकते हैं.
दूसरा नाम शैलेन्द्र भार्गव का है. वे संघ से जुड़े माने जाते हैं. जयपुर शहर अध्यक्ष भी रह चुके हैं. छात्र संगठन में लंबे समय तक काम करने का अनुभव उनके पास है. अगर भाजपा ऐसा चेहरा चाहती है जिस पर अंदरूनी विवाद कम हो तो भार्गव का नाम आगे बढ़ सकता है.
तीसरा नाम पुनीत कर्णावत का है. वे पहले नगर निगम के उप महापौर रह चुके हैं. लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं। पहले वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते थे. अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के करीब बताए जाते हैं. छात्र संगठन का अनुभव और आक्रामक अंदाज उनकी पहचान है. अगर पार्टी मजबूत राजनीतिक चेहरा चाहे तो कर्णावत की दावेदारी मजबूत हो सकती है.
चौथा नाम विमल अग्रवाल का है. जयपुर में वैश्य समाज भाजपा का बड़ा वोट बैंक माना जाता है. अगर पार्टी इस सामाजिक समीकरण को साधना चाहे तो अग्रवाल का नाम सामने आ सकता है.
पांचवां नाम भवानी सिंह राजावत का है. सामाजिक समीकरणों को देखते हुए उनका नाम भी चर्चा में है. पार्टी अगर जाति और क्षेत्र के संतुलन को प्राथमिकता दे तो राजावत की किस्मत खुल सकती है.
अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. पार्टी नेतृत्व इन पांचों नामों पर विचार कर रहा है. संगठन, सामाजिक समीकरण और सरकार के साथ तालमेल को ध्यान में रखकर अंतिम नाम चुना जाएगा. जयपुर के लोग इंतजार कर रहे हैं कि मेयर की कुर्सी पर किसका कब्जा होगा. यह फैसला जल्द आने की उम्मीद है. तब तक ये पांच नाम ही चर्चा के केंद्र में रहेंगे.