कोटा: कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क की बाघिन महक ने 22 साल पूरे कर लिए हैं और अब 23वें साल में पहुंच चुकी है. आमतौर पर चिडियाघरों में बाघ और बाघिन करीब 16 से 18 साल तक जीवित रहते हैं. जंगल में जीवन और भी चुनौतीपूर्ण होने के कारण उनकी औसत उम्र इससे कम हो सकती है. ऐसे में महक का 22 साल की उम्र तक पहुंचना अपने आप में बेहद खास है.
महक का जन्म 28 अगस्त 2004 को जयपुर चिडियाघर में हुआ था. उसकी मां चंदा ने चार शावकों को जन्म दिया था. इनमें रुद्र, गौरी, रंभा और महक शामिल थे. समय के साथ सभी अलग-अलग चिडियाघरों में चले गए. महक को मार्च 2012 में जयपुर से कोटा लाया गया. इसके बाद 2019 में उसे ब्रीडिंग के मकसद से नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क भेजा गया, जहां उसे बाघ नाहर के साथ रखा गया.
1 मार्च 2023 को महक को नाहर के साथ वापस कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क लाया गया. हालांकि दोनों की ब्रीडिंग सफल नहीं हो सकी. महक मां नहीं बन पाई. करीब दो साल पहले नाहर की मौत हो गई, जिसके बाद अब महक अकेली रहती है.
उम्र के इस पड़ाव पर भी महक की सक्रियता हैरान करने वाली है. वह अपने इन्क्लोजर में घूमती है, पानी में अठखेलियां करती है और अपना खाना अच्छी तरह खाती है. अधिकारियों के मुताबिक उसके दांत और जबड़े मजबूत हैं. उसका पाचन तंत्र ठीक है और उसका वजन भी लगभग सामान्य बना हुआ है. उसके पंजे और नाखून भी मजबूत हैं.
हालांकि बढ़ती उम्र का असर उस पर दिखने लगा है. अब उसे उठने में पहले की तुलना में थोड़ी परेशानी होती है. कमजोरी से बचाने के लिए उसकी कैल्शियम की डोज बढ़ाई गई है. महक को रोज करीब 8 किलो चिकन और पाड़े का मांस दिया जाता है. इसके साथ मल्टीविटामिन, कैल्शियम और आयरन टॉनिक भी दिए जाते हैं.
महक की सेहत पर लगातार नजर रखी जाती है. अधिकारियों के अनुसार करीब हर तीन से चार दिन में या सप्ताह में दो बार उसकी मेडिकल जांच की जाती है. उसके खाने, वजन, गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलावों की निगरानी की जाती है. उसके नाइट शेल्टर में नियमित रूप से दवाओं का छिडकाव भी किया जाता है.
महक की लंबी उम्र का कोई एक कारण तय नहीं माना जा सकता. संतुलित भोजन, नियमित इलाज, सुरक्षित वातावरण और बेहतर देखभाल के साथ जेनेटिक्स भी इसमें भूमिका निभा सकता है. क्योंकि चिडियाघर में रहने वाले हर बाघ को अच्छी देखभाल मिलती है, लेकिन हर बाघ 22 साल तक नहीं जीता.
हाल ही में महक का 22वां जन्मदिन भी मनाया गया. वन विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव प्रेमियों ने उसके स्वस्थ जीवन की कामना की. अब बच्चों के साथ महक का विशेष जन्मदिन समारोह मनाने की तैयारी भी की जा रही है. 22 साल की उम्र में भी पानी में अठखेलियां करती महक इस बात की मिसाल है कि बेहतर देखभाल और अनुकूल परिस्थितियां वन्यजीवों के जीवन को कितना लंबा और स्वस्थ बना सकती हैं.