पंजाब कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी, पुलिस भर्ती नियमों में बदलाव
पंजाब मंत्रिमंडल ने पुलिस भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सब-इंस्पेक्टर स्तर पर सीधी भर्ती समाप्त करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही मोहाली में कोरिया के पैंग्यो टेक्नो वैली की तर्ज पर इंटीग्रेटेड इनोवेशन और स्टार्टअप सेंटर स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई है.
पंजाब मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में प्रशासन, पुलिस व्यवस्था और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई.
सरकार ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया में बदलाव के साथ-साथ राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की घोषणा की.
सब-इंस्पेक्टर स्तर पर सीधी भर्ती होगी बंद
कैबिनेट ने पंजाब पुलिस नियम, 1934 में संशोधन को मंजूरी देते हुए सब-इंस्पेक्टर (एसआइ) रैंक पर सीधी भर्ती की व्यवस्था समाप्त करने का फैसला लिया है. अब इस स्तर पर सीधी नियुक्तियां नहीं होंगी. इससे पहले एसआइ के 50 प्रतिशत पदों पर सीधे भर्ती की जाती थी. सरकार का मानना है कि यह बदलाव पुलिस बल में अनुभव आधारित पदोन्नति व्यवस्था को मजबूत करेगा और संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाएगा. नई व्यवस्था के तहत जिला, इंटेलिजेंस, जांच और तकनीकी सहायता सेवा कैडर में सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) के 30 प्रतिशत पदों तथा आर्म्ड कैडर में 10 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी.
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सरकार के अनुसार एएसआइ पुलिस थानों में अधिकतर मामलों की जांच करने वाले अधिकारी होते हैं. ऐसे में इस स्तर पर योग्य और शिक्षित युवाओं की भर्ती से जांच प्रणाली को मजबूती मिलेगी. आधुनिक तकनीक और नई कार्यशैली से परिचित युवाओं के आने से अपराध जांच की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार होने की उम्मीद जताई गई है.
मोहाली में बनेगा आधुनिक स्टार्टअप और इनोवेशन सेंटर
औद्योगिक विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने मोहाली में इंटीग्रेटेड इनोवेशन और स्टार्टअप सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी है. यह केंद्र मोहाली स्थित कालकट भवन में विकसित किया जाएगा. इस परियोजना का मॉडल दक्षिण कोरिया के प्रसिद्ध पैंग्यो टेक्नो वैली से प्रेरित होगा, जहां एक ही परिसर में इनक्यूबेशन, अनुसंधान, स्टार्टअप को आगे बढ़ाने की सुविधा और उद्योगों के साथ सहयोग की व्यवस्था उपलब्ध है.
प्रस्तावित केंद्र में एग्री-टेक स्टार्टअप के साथ अन्य उभरते क्षेत्रों के नवाचार आधारित उद्यमों को भी सहायता दी जाएगी. यहां नए उद्यमियों को अनुसंधान, मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा. सरकार का मानना है कि इस पहल से पंजाब में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य का स्टार्टअप इकोसिस्टम अधिक मजबूत बनेगा.