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चंडीगढ़ के सीरियल किलर को तीसरी बार उम्रकैद, बुजुर्ग से रेप-हत्या में दोषी; 3 महिलाओं की हत्या कबूली

चंडीगढ़ जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू कुमार को 60 वर्षीय महिला से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. यह उसका तीसरा रेप-हत्या मामला है.

KanhaiyaaZee
चंडीगढ़ के सीरियल किलर को तीसरी बार उम्रकैद, बुजुर्ग से रेप-हत्या में दोषी; 3 महिलाओं की हत्या कबूली
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़: जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू कुमार को एक और रेप और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है. यह उसके खिलाफ तीसरा ऐसा मामला है, जिसमें अदालत ने उसे दोषी ठहराया है. मामला फरवरी 2024 में 60 वर्षीय महिला की हत्या से जुड़ा है. पुलिस जांच के दौरान सामने आए वैज्ञानिक सबूतों ने मोनू को पुराने मामलों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई. इससे पहले दो मामलों में भी उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है.

फरवरी 2024 में चंडीगढ़ के मलोया वन क्षेत्र में सेक्टर-54 के पास 60 वर्षीय महिला का शव मिला था. जांच में सामने आया कि महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई थी. पुलिस ने मामले की जांच के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्धों के डीएनए नमूने लिए. इसी प्रक्रिया में मोनू का डीएनए पुराने सुरक्षित नमूने से मैच हुआ और पुलिस उस तक पहुंची.

2010 की हत्या से खुला पुराना राज

मोनू का डीएनए 2010 में सेक्टर-38 के पास मारी गई 21 वर्षीय MBA छात्रा के मामले में सुरक्षित किए गए नमूने से मिला था. छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी. करीब 14 साल तक आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी. पुलिस ने बाद में अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की, लेकिन जांच से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत सुरक्षित रखे गए थे. इसी पुराने सैंपल ने केस को फिर आगे बढ़ाया.

2022 में भी महिला की हत्या

पुलिस पूछताछ में मोनू ने 2022 में मलोया की रहने वाली 40 वर्षीय महिला की हत्या की बात भी कबूल की थी. महिला 11 जनवरी 2022 की रात घर से बाजार जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. अगले दिन उसका शव घर से कुछ दूरी पर मिला. इस मामले में लंबे समय तक हत्यारे की पहचान नहीं हो सकी थी. बाद में पुलिस की जांच मोनू तक पहुंची और मामला आगे बढ़ा.

एक पुराने केस में हो चुका है बरी

मोनू के खिलाफ पहला मामला 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा क्षेत्र में सामने आया था. उस समय 20 वर्षीय मोनू पर एक युवती के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगा था. खैरी थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. बाद में मोनू को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिलने पर करीब 18 महीने चले ट्रायल के बाद वह बरी हो गया.

दो मामलों में पहले ही मिली सजा

मोनू को 2010 की MBA छात्रा की हत्या के मामले में 28 नवंबर 2025 को उम्रकैद सुनाई गई थी. वहीं, 40 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में अगस्त 2026 में अदालत ने उसे उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा दी. अब 60 वर्षीय महिला से जुड़े मामले में भी उसे उम्रकैद मिली है. पुलिस के अनुसार, मोनू पहचान छिपाकर रहता था और इंटरसिटी टैक्सी चलाते हुए अपना ठिकाना बदलता रहता था. मई 2024 में उसकी गिरफ्तारी हुई थी.