पंजाब के 19 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत, अब 6% ब्याज और आसान किस्तों में चुकाएं बकाया बिल
पंजाब में बिजली बिल के बकायेदार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है. पीएसईआरसी ने वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दे दी है. अब 6% साधारण ब्याज और छह मासिक किस्तों में बकाया राशि जमा करने की सुविधा मिलेगी.
पंजाब में लंबे समय से बिजली बिल का बकाया चुकाने में परेशानी झेल रहे लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है. पंजाब स्टेट इलेक्ट्रीसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी देकर भुगतान की शर्तों को पहले से काफी आसान बना दिया है. नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को कम ब्याज दर, आसान किस्तों और ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ मिलेगा. इससे बिजली निगम और उपभोक्ता दोनों को फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है.
नई योजना से मिलेगी बड़ी राहत
पीएसईआरसी ने वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत सालों से लंबित बिजली बिलों के निपटारे का रास्ता आसान कर दिया है. अब बकाया राशि पर 18 प्रतिशत की जगह केवल छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा. इसके साथ ही उपभोक्ताओं को पूरी राशि एक साथ जमा करने की जरूरत नहीं होगी. यह फैसला लाखों परिवारों और कारोबारियों के लिए राहत लेकर आया है.
किस्तों में भुगतान की सुविधा
नई व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ता कुल सेटलमेंट राशि का 25 प्रतिशत भुगतान पहले जमा करेंगे. शेष 75 प्रतिशत राशि अधिकतम छह मासिक किस्तों में चुकाई जा सकेगी. पहले पूरे भुगतान की समय सीमा 30 दिन तय की गई थी, लेकिन अब आसान किस्तों की सुविधा मिलने से आर्थिक दबाव काफी कम होगा और बकाया निपटाना सरल बनेगा.
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19 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर बकाया
कमीशन के आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2025 तक राज्य के 19 लाख 33 हजार 743 बिजली उपभोक्ताओं पर 4,155.70 करोड़ रुपये का बकाया है. इनमें सबसे ज्यादा घरेलू और गैर आवासीय श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं. आयोग का मानना है कि इस योजना से लंबे समय से अटकी राशि की वसूली भी तेज होगी और उपभोक्ताओं को नई शुरुआत का अवसर मिलेगा.
अदालती मामलों को भी मिलेगा लाभ
यह योजना उन उपभोक्ताओं पर भी लागू होगी जिनके मामले अदालतों या अन्य न्यायिक मंचों पर लंबित हैं. ऐसे उपभोक्ताओं को समझौते के बाद ऑनलाइन शपथ पत्र देकर मुकदमा वापस लेना होगा. इन मामलों में सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज लागू रहेगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है और किसी प्रकार का प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा.
कटे कनेक्शनों पर भी विशेष राहत
आयोग ने लंबे समय से बंद पड़े बिजली कनेक्शनों पर लगने वाले फिक्स्ड चार्ज में भी राहत देने का फैसला किया है. आवेदन के दौरान जमा सुरक्षा राशि स्वतः बकाया में समायोजित कर दी जाएगी. योजना पीएसपीसीएल के वाणिज्यिक परिपत्र जारी होने के बाद 45 दिनों तक लागू रहेगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है.