चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने सफाई सेवकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों पर अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अनुबंधित सफाई कर्मचारियों को नियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है. सरकार का कहना है कि इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को स्थायी रोजगार और बेहतर सेवा सुरक्षा का लाभ मिलेगा.
स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि सभी नगर निकाय अपनी-अपनी बैठकों में प्रस्ताव पारित कर स्थानीय निकाय विभाग को भेजेंगे. विभाग की मंजूरी मिलते ही पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अनुबंधित सफाई सेवकों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. सरकार ने सभी निकायों को प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश भी दिए हैं.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2021 में अनुबंध के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को भी इस निर्णय का लाभ मिलेगा. मंत्री ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को रोजगार की स्थिरता देना है. इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी.
सरकार ने आउटसोर्स पर कार्यरत सफाई सेवकों और सीवरमैनों के लिए भी राहत की घोषणा की है. जिन कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था में तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अनुबंध पर लिया जाएगा. इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें और भविष्य की सुरक्षा मिलेगी.
हरजोत बैंस ने बताया कि कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठक के बाद अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है. इसके तहत सफाई कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी एक अगस्त से लागू होगी. सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगें पूरी होंगी और कार्य व्यवस्था में स्थिरता आएगी.
मंत्री ने जानकारी दी कि अधिकांश कर्मचारी यूनियनों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है. बाकी संगठनों से भी काम पर लौटने की अपील की गई है. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है. सरकार चाहती है कि कर्मचारियों और प्रशासन के सहयोग से लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.