पंजाब सरकार ने शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण लगाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि राज्य सरकार ने एक नए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत निजी स्कूल अब सालाना फीस में केवल 5 प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी कर सकेंगे. इस फैसले से लाखों अभिभावकों और विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इनमें शिक्षा क्षेत्र में राहत देने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को गति देने और प्रशासनिक सेवाओं को ज्यादा प्रभावी बनाने से जुड़े निर्णय भी शामिल हैं.
सरकार का मानना है कि कई निजी स्कूल हर साल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालते हैं. नए अध्यादेश के लागू होने के बाद फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय कर दी गई है. इससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों को अनावश्यक वित्तीय दबाव से राहत मिलेगी.
ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਦੀਆਂ ਮਨਮਾਨੀਆਂ ਨੂੰ ਨੱਥ ਪਾਉਂਦੇ ਹੋਏ, ਹੁਣ ਸਾਲਾਨਾ ਫੀਸ ਵਾਧੇ 'ਤੇ 5% ਦੀ ਹੱਦ (Cap) ਲਗਾਉਣ ਵਾਲੇ ਨਵੇਂ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਨੂੰ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਮਿਲੇਗੀ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ, ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਪੂੰਜੀਗਤ ਸਬਸਿਡੀ ਨਿਯਮਾਂ ਵਿੱਚ ਸੋਧ, ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ… pic.twitter.com/BuSgExyuZj
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 22, 2026Also Read
कैबिनेट ने राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कैपिटल सब्सिडी नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है. सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से नए निवेश आकर्षित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
विभिन्न सरकारी विभागों के आंकड़ों को एकीकृत और व्यवस्थित करने के लिए SDIP प्लेटफॉर्म को लागू करने का निर्णय लिया गया है. इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, डेटा प्रबंधन बेहतर होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी.
जनता को सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने के लिए होशियारपुर जिले के दसूहा क्षेत्र में एडीसी (जनरल) का नया पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई है. इससे स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लोगों की समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी.
पंजाब सरकार के ये फैसले शिक्षा, प्रशासन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में संतुलित सुधार की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिलने की उम्मीद है.