पंजाब की आर्थिक स्थिति, कृषि सुधार और किसानों के भविष्य को लेकर एक अहम चर्चा उस समय देखने को मिली जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने देश के प्रतिष्ठित कृषि अर्थशास्त्री डॉ. एस.एस. जौहल से मुलाकात की. इस दौरान केवल राजनीतिक बातचीत ही नहीं हुई, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर भी गंभीर मंथन किया गया. मुलाकात में डॉ. जौहल ने पंजाब के बढ़ते कर्ज और विकास की जरूरतों को लेकर स्पष्ट राय रखी.
पंजाब दौरे के अंतिम दिन नितिन नबीन ने पद्म विभूषण से सम्मानित कृषि विशेषज्ञ डॉ. सरदारा सिंह जौहल से भेंट की . इस अवसर पर उन्होंने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यों का विवरण साझा किया और कृषि नीति से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनके सुझाव प्राप्त किए. दोनों के बीच किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई.
नितिन नबीन ने कहा कि डॉ. जौहल का कृषि क्षेत्र में अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है और उनके सुझाव देशभर के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञ द्वारा दिए गए सुझावों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जाएगा और उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.
डॉ. जौहल ने सरकारों को मुफ्त सुविधाएं देने की नीति पर पुनर्विचार करने की सलाह दी. उनका मानना है कि लोगों को स्थायी लाभ देने के लिए अवसर आधारित व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें. उन्होंने यह भी कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता है.
कृषि विशेषज्ञ ने पंजाब में लगातार गिरते भूजल स्तर को भी गंभीर चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियां बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. उनके अनुसार, यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले सालों में कृषि क्षेत्र को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.