बठिंडा नगर निगम में एक बार फिर पदमजीत मेहता के नेतृत्व पर मुहर लग गई है. निगम की बैठक में सभी 50 पार्षदों की सहमति से उन्हें दूसरी बार मेयर चुना गया. यह फैसला बिना किसी विरोध के लिया गया जिससे नगर निगम में व्यापक सहमति का संदेश गया है. पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों ने इस परिणाम को शहर में हुए विकास कार्यों और जनता के विश्वास से जोड़कर देखा है. मेहता के दोबारा चुने जाने को बठिंडा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.
पंजाब के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि पदमजीत मेहता के पिछले कार्यकाल के दौरान बठिंडा में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया. उनके अनुसार पिछले डेढ़ वर्ष में शहर में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए. यही कारण रहा कि जनता ने नगर निगम चुनाव में भी उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया. मंत्री का मानना है कि शहर में हुए सकारात्मक बदलावों ने मेहता की राजनीतिक स्वीकार्यता को और मजबूत किया जिसके चलते वह दोबारा पार्षद चुने गए और फिर मेयर पद तक पहुंचे.
नगर निगम की बैठक के दौरान सभी 50 निर्वाचित पार्षदों ने पदमजीत मेहता के नाम का समर्थन किया. इस एकमत निर्णय ने स्थानीय राजनीति में सहयोग और समन्वय का संदेश दिया है. आमतौर पर ऐसे चुनावों में राजनीतिक मतभेद देखने को मिलते हैं लेकिन इस बार सभी पार्षदों की सहमति से फैसला होने से निगम के भीतर स्थिर नेतृत्व की तस्वीर सामने आई है. राजनीतिक जानकार इसे नगर निगम के कामकाज के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं. इससे आने वाले समय में विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पूरे पंजाब में विकास और रोजगार के क्षेत्र में कई पहल की हैं. उन्होंने दावा किया कि इन्हीं प्रयासों का असर स्थानीय निकाय चुनावों में भी देखने को मिला जहां आम आदमी पार्टी को जनता का समर्थन प्राप्त हुआ. मंत्री ने बताया कि नगर निगम में वरिष्ठ डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव भी पार्षदों की सहमति से कराए जाएंगे. उनका कहना है कि एकजुट नेतृत्व के साथ बठिंडा में विकास की गति को और मजबूत किया जाएगा तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.