चंडीगढ़: पंजाब को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और डीजीपी गौरव यादव के निर्देश पर फरीदकोट रेंज में ऑपरेशन प्रहार 3.0 की शुरुआत की गई. इस विशेष अभियान का उद्देश्य गैंगस्टरों, नशा तस्करों, वांछित अपराधियों और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क को खत्म करना है. पुलिस ने पहले ही दिन कई अहम गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की हैं.
फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले ने बताया कि यह अभियान संगठित अपराध पर सीधी कार्रवाई के लिए शुरू किया गया है. इसके तहत गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने, नशा और अवैध हथियारों की तस्करी रोकने तथा फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करना इस अभियान की प्राथमिकता है.
ऑपरेशन के तहत फरीदकोट, मोगा और श्री मुक्तसर साहिब जिलों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. आईजी ने बताया कि पूरे अभियान में खुफिया सूचनाओं के आधार पर एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के साथ-साथ उन्हें सहयोग देने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
मोगा जिले में 345 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने 171 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. इस दौरान 157 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि छह लोगों से पूछताछ की गई. गिरफ्तार आरोपियों में दो गैंगस्टरों के सहयोगी और 11 भगोड़े अपराधी भी शामिल हैं. पुलिस ने 96 गंभीर मामलों, 52 एनडीपीएस एक्ट और नौ अन्य मामलों से जुड़े आरोपियों को हिरासत में लिया.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 470 ग्राम हेरोइन, 540 नशीली गोलियां, नौ लीटर अवैध शराब, दो तलवारें, दो लोहे की रॉड और एक मोटरसाइकिल बरामद की. इसके अलावा 26 नए मुकदमे दर्ज किए गए और 46 आरोपियों को नामजद किया गया. दस लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई भी की गई.
आईजी नीलांबरी जगदले ने कहा कि पंजाब पुलिस अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. ऑपरेशन प्रहार 3.0 समाप्त होने के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे, ताकि आम लोगों को सुरक्षित, निडर और अपराध मुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.