हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय को टिहरी जिला खनन विभाग ने 9.90 करोड़ रुपये का वसूली नोटिस जारी किया है. मामला वर्ष 2020-21 में चौरास परिसर के स्टेडियम में भरान के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से लाई गई मिट्टी से जुड़ा है. वर्ष 2013 की आपदा में अलकनंदा नदी के कटाव से स्टेडियम क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद सुरक्षा कार्यों के तहत रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से सुरंगों का मलबा वहां डंप कराया गया था.
खनन विभाग का कहना है कि यह खनिज परिवहन का मामला है, इसलिए पहले करीब 2.50 करोड़ रुपये की रॉयल्टी जमा करने के निर्देश दिए गए थे. भुगतान नहीं होने पर नियमों के तहत पांच गुना जुर्माने के साथ 9.90 करोड़ रुपये का वसूली नोटिस जारी किया गया.
वहीं विश्वविद्यालय का पक्ष है कि मलबा किसी व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं, बल्कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसर की सुरक्षा के उद्देश्य से डंप कराया गया था. ऐसे में रॉयल्टी की मांग उचित नहीं है. अब इस मामले पर दोनों पक्षों के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है.