पंजाब में नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब मुसीबत के दिन शुरू हो गए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि जो लोग युवाओं के भविष्य से खेल रहे हैं, उन्हें अब कोई माफी नहीं मिलेगी. सख्त कार्रवाई और कड़ी सजा का समय आ गया है. हाल ही में अमृतसर में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. 210 करोड़ रुपये कीमत की भारी मात्रा में हेरोइन जब्त की गई.
इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. ये सभी एक विदेश में बैठे मास्टरमाइंड के नेटवर्क से जुड़े हुए थे. पुलिस की जांच में पता चला कि ये लोग पंजाब के अंदर नशे का जाल फैलाने की कोशिश कर रहे थे. इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने से पूरे माफिया में हड़कंप मच गया है.
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है, “पंजाब के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ड्रग तस्करों के साथ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. अमृतसर में ₹210 करोड़ की हेरोइन की एक बड़ी खेप ज़ब्त करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है, जो विदेश में बैठे एक मास्टरमाइंड के नेटवर्क से जुड़े थे. मान सरकार का साफ़ संदेश है कि ड्रग के कारोबार में शामिल लोगों को क़ानून के दायरे में लाया जाएगा और कड़ी सज़ा दी जाएगी.”
पंजाब के युवा इस नशे की चपेट में सबसे ज्यादा आ रहे थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. कुछ लोग सिर्फ अपना मुनाफा देखते हुए युवाओं की जिंदगी को नर्क बना रहे हैं. सरकार अब इन्हें बख्शने वाली नहीं है. भगवंत मान सरकार का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, चाहे वो बड़ा गुर्गा हो या छोटा सहयोगी, कानून के शिकंजे में आएगा और उसे सख्त सजा मिलेगी. पुलिस को पूरा समर्थन दिया जा रहा है ताकि ऐसे तत्वों पर लगाम कसी जा सके.
यह कार्रवाई सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि एक बड़े अभियान की शुरुआत है. पंजाब को नशे मुक्त बनाने के लिए सरकार, पुलिस और आम लोगों को साथ मिलकर काम करना होगा. समाज को भी जागरूक होना पड़ेगा. अगर कोई नशे का कारोबार करता दिखे तो तुरंत सूचना देनी चाहिए.