जालंधर के यूट्यूबर रॉजर संधू के घर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अहम सफलता मिली है. मोहाली की विशेष NIA अदालत ने पाकिस्तान में बैठे आतंकी संदिग्ध शहजाद भट्टी के खिलाफ ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है. जांच एजेंसी इसे मामले की बड़ी कानूनी प्रगति मान रही है. एनआईए के अनुसार, शहजाद भट्टी फिलहाल ब्राजील में छिपा हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहा है. एजेंसी का मानना है कि अदालत के इस आदेश से इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
एनआईए ने विशेष अदालत को बताया कि शहजाद भट्टी लगातार कानूनी कार्रवाई से बच रहा है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा. एजेंसी की दलीलों पर सहमति जताते हुए अदालत ने उसके खिलाफ ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया. यह वारंट उसकी गिरफ्तारी तक प्रभावी रहेगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
यह मामला 16 मार्च 2025 का है, जब जालंधर के मकसूदां क्षेत्र में यूट्यूबर रॉजर संधू के घर की बालकनी में एक जिंदा हैंड ग्रेनेड मिला था. एनआईए के अनुसार, सोशल मीडिया से होने वाली कमाई को लेकर शहजाद भट्टी ने कथित रूप से रंगदारी का दबाव बनाया था. मांग पूरी नहीं होने पर भारत में अपने सहयोगियों के जरिए ग्रेनेड हमला करवाने का आरोप लगाया गया है.
जांच में सामने आया कि शहजाद भट्टी कथित तौर पर पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित करता था. एजेंसी का दावा है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से भारतीय ऑपरेटिव्स को निर्देश दिए जाते थे. भर्ती, लॉजिस्टिक्स और हमले की योजना भी इसी माध्यम से तैयार की जाती थी.
एनआईए ने अदालत में पंजाब पुलिस का रिकॉर्ड भी पेश किया. एजेंसी के अनुसार, शहजाद भट्टी के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग थानों में करीब 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें आतंकवाद, आपराधिक साजिश और रंगदारी से जुड़े आरोप शामिल हैं. इन रिकॉर्ड को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया.
एनआईए का मानना है कि गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया आसान होगी. साथ ही ब्राजील से शहजाद भट्टी के प्रत्यर्पण की दिशा में भी कानूनी कार्रवाई को गति मिलेगी. एजेंसी अब मामले में आगे की प्रक्रिया को निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाएगी.