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एक्सपायर थी कोल्ड ड्रिंक... फिर भी बेच दी, अब मेगा मार्ट पर उपभोक्ता आयोग ने लगाया जुर्माना

लुधियाना में जिला उपभोक्ता आयोग ने एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बेचने के मामले में विशाल मेगा मार्ट को दोषी ठहराया है. राजदीप कौर ने 30 जुलाई 2025 को मार्ट से 69.30 रुपये की कोल्ड ड्रिंक खरीदी थी, जिसकी अंतिम तारीख 29 जुलाई थी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
एक्सपायर थी कोल्ड ड्रिंक... फिर भी बेच दी, अब मेगा मार्ट पर उपभोक्ता आयोग ने लगाया जुर्माना
Courtesy: Pinterest

लुधियाना जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बेचने के मामले में विशाल मेगा मार्ट को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है. आयोग ने मार्ट को कोल्ड ड्रिंक की कीमत 69.30 रुपये वापस करने के साथ उपभोक्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है.

यह फैसला आयोग के अध्यक्ष संजीव बत्रा और सदस्य मोनिका भगत की पीठ ने जसोवाल गांव निवासी राजदीप कौर की शिकायत पर सुनाया. शिकायत के अनुसार, राजदीप कौर ने 30 जुलाई 2025 को मुख्य धांधरा रोड स्थित विशाल मेगा मार्ट से 69.30 रुपये की कोल्ड ड्रिंक खरीदी थी. इस खरीदारी के लिए उन्होंने कुल 116.05 रुपये का भुगतान किया था.

क्या है पूरा मामला?

घर पहुंचने के बाद राजदीप कौर ने जब बोतल देखी तो उन्हें पता चला कि उस पर इस्तेमाल करने की अंतिम तारीख 29 जुलाई अंकित थी. यानी जिस दिन उन्होंने कोल्ड ड्रिंक खरीदी, उससे एक दिन पहले ही उसकी अंतिम तारीख निकल चुकी थी. इसके बाद उन्होंने मार्ट में शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.

राहत नहीं मिलने पर राजदीप कौर ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. मामले की सुनवाई के दौरान विशाल मेगा मार्ट की ओर से दलील दी गई कि केवल खरीद बिल से यह साबित नहीं होता कि शिकायतकर्ता द्वारा पेश की गई एक्सपायरी बोतल उसी लेन-देन के दौरान खरीदी गई थी.

आयोग का क्या है कहना?

आयोग ने मार्ट की इस दलील को स्वीकार नहीं किया. आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने खरीद बिल के साथ एक्सपायरी उत्पाद की तस्वीरें भी रिकॉर्ड पर पेश की थीं. इन दस्तावेजों को देखते हुए आयोग ने मार्ट को जिम्मेदार माना.

आयोग ने अपने फैसले में विशाल मेगा मार्ट को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया. इसके साथ ही मार्ट को 69.30 रुपये की उत्पाद कीमत वापस करने और 10 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया. मुकदमे में हुए खर्च का भुगतान भी उपभोक्ता को करना होगा.

आयोग ने क्या दिया आदेश?

आयोग ने आदेश दिया कि यह राशि 30 दिनों के भीतर उपभोक्ता को अदा की जाए. इस फैसले से साफ है कि दुकानदार और बड़े रिटेल स्टोर ग्राहकों को सामान बेचते समय उसकी वैधता और अंतिम तारीख की जांच के लिए जिम्मेदार हैं. एक्सपायरी उत्पाद की बिक्री को लेकर उपभोक्ता शिकायत कर सकते हैं और उचित राहत के लिए उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकते हैं.