पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर 2026 से 10 दिनों के लिए सभी रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं. इसके साथ ही Mid Term Examinations को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. यूनिवर्सिटी के मुताबिक परीक्षा की नई तारीखों की जानकारी बाद में University Management System यानी UMS के जरिए दी जाएगी.
यह फैसला कैंपस में कथित यौन उत्पीड़न की खबर को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद आया है. प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़ हुई और जालंधर फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर भी छात्रों ने जाम लगाया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही.
LPU ने छात्रों के लिए जारी नोटिस में कहा है कि 28 सितंबर से 10 दिनों तक रेगुलर एकेडमिक क्लास नहीं होंगी. Mid Term Exams भी फिलहाल नहीं होंगे. यूनिवर्सिटी ने कहा है कि परीक्षा का नया शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को इस अवधि में अपने माता पिता या अभिभावकों से सलाह लेकर घर जाने का विकल्प भी दिया है. जो छात्र कैंपस में रहेंगे, उन्हें हॉस्टल या अपने रहने की जगह के अंदर रहने और बिना जरूरत बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर LPU कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबर फैलने लगी. इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र विरोध के लिए जमा हुए. रविवार को प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और कैंपस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ कुछ वाहनों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर सामने आई. प्रदर्शनकारियों ने जालंधर फगवाड़ा नेशनल हाईवे के एक हिस्से को भी बाधित किया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बाद में कैंपस में स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की.
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि कथित यौन उत्पीड़न की घटना की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. LPU प्रशासन ने आरोपों को गलत और अफवाह बताया है. यूनिवर्सिटी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि वाली जानकारी को आगे न फैलाएं. दूसरी ओर, पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप के आरोप में FIR दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी और CCTV फुटेज, फोरेंसिक सबूत तथा फोन डेटा की जांच की जाएगी. मामले की जांच के लिए Special Investigation Team यानी SIT भी बनाई गई है.