जालंधर: पंजाब के जालंधर में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने देर रात विशेष नाइट डोमिनेशन अभियान चलाया. शहर के प्रमुख और व्यस्त इलाके मॉडल टाउन में हाईटेक नाका लगाकर आने जाने वाले वाहनों की सघन जांच की गई. इस अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी की. मॉडल टाउन को जालंधर का प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्र माना जाता है. इसी वजह से पुलिस ने यहां विशेष सुरक्षा अभियान चलाया. पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के साथ एसीपी मनमोहन सिंह और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे. अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और चेकिंग अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया.
हाईटेक नाके पर आने जाने वाले सभी वाहनों की गहन जांच की गई. पुलिस ने आधुनिक उपकरणों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी. जिन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, उनसे पूछताछ भी की गई. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान अपराधियों पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जरूरी हैं.
पुलिस ने इस अभियान में आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया. सीपी सतिंदर सिंह ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और यह सुनिश्चित किया कि जांच पूरी सतर्कता के साथ की जाए. साथ ही आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रात के समय चोरी, झपटमारी और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका अधिक रहती है. ऐसे में नियमित नाइट डोमिनेशन अभियान से असामाजिक तत्वों में डर का माहौल बनता है और अपराध की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है. पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत होगा.
सतिंदर सिंह ने 20 जून को जालंधर के नए पुलिस कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभाला था. पदभार ग्रहण करने के बाद से वह लगातार शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न अभियान चला रहे हैं. उनका लक्ष्य अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है.
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जांच के दौरान पुलिस का सहयोग करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियान आम लोगों की सुरक्षा के लिए चलाए जाते हैं और इनके जरिए अपराध मुक्त शहर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.