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हाई कोर्ट की सख्ती, जेई से एसडीई पदोन्नति प्रक्रिया पर लगा ब्रेक; जानें कब होगी अगली सुनवाई

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सिंचाई विभाग में जेई से एसडीई पदोन्नति के लिए प्रस्तावित डीपीसी बैठक पर अंतरिम रोक लगा दी है. चलिए जानते है कब होगी इसकी अगली सुनवाई.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
हाई कोर्ट की सख्ती, जेई से एसडीई पदोन्नति प्रक्रिया पर लगा ब्रेक; जानें कब होगी अगली सुनवाई
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियरों को सब-डिविजनल इंजीनियर पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत ने विभागीय पदोन्नति समिति की प्रस्तावित बैठक को अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का आदेश दिया है. यह फैसला पदोन्नति कोटे को लेकर उठे विवाद के बीच आया है.

जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने यह अंतरिम आदेश सिंचाई विभाग में कार्यरत विद्युत अभियंता चंदन गर्ग द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग विभिन्न इंजीनियरिंग संवर्गों के लिए निर्धारित पदोन्नति कोटे का सही तरीके से पालन नहीं कर रहा है. उनका कहना है कि कुछ संवर्गों को निर्धारित हिस्से से अधिक पदोन्नति का लाभ दिया गया है, जबकि विद्युत संवर्ग के अधिकारियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया.

याचिका में क्या कहा गया?

याचिका में कहा गया कि विभाग में सिविल और मैकेनिकल संवर्ग के अधिकारियों को पहले ही अपेक्षा से अधिक पदोन्नतियां मिल चुकी हैं. दूसरी ओर, विद्युत संवर्ग के लिए निर्धारित पदों का पूरा उपयोग नहीं किया गया. याचिकाकर्ता के अनुसार विद्युत अभियंताओं के लिए निर्धारित 12 पदों में से केवल चार पद ही भरे गए हैं. इससे इस संवर्ग के अधिकारियों के साथ अन्याय हुआ है.

अदालत को यह भी बताया गया कि पदोन्नति के मानदंड और विभिन्न संवर्गों के लिए निर्धारित कोटे से जुड़ा विवाद पहले से ही हाई कोर्ट में लंबित है. इस मामले की सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित है. इसके बावजूद विभाग द्वारा डीपीसी बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया, जिससे विवादित परिस्थितियों में पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना बन गई थी.

याचिकाकर्ता ने क्या दिया तर्क?

याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि यदि विवाद के अंतिम निर्णय से पहले पदोन्नतियां दे दी जाती हैं, तो विद्युत संवर्ग के अधिकारियों को अपूरणीय क्षति हो सकती है. साथ ही बाद में स्थिति को सुधारना भी कठिन हो जाएगा. उन्होंने इसे समान अवसर और निष्पक्ष प्रशासनिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया.

दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने माना कि लंबित न्यायिक विवाद के दौरान डीपीसी बैठक आयोजित करने से मामला और जटिल हो सकता है. इसलिए अदालत ने एहतियात के तौर पर बैठक को अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश दिया.

कब होगी अगली सुनवाई?

अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी. उस दिन अदालत पदोन्नति कोटे, विभिन्न संवर्गों के अधिकारों और विभागीय प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे विचार करेगी. तब तक पंजाब सिंचाई विभाग में जेई से एसडीई पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी रहेगी.