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India Daily

पंजाब सरकार किसानों को 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे सकती है, तो बीजेपी की हरियाणा सरकार क्यों नहीं: AAP नेता

​​​​​​​हरियाणा में बाढ़ से 20 लाख एकड़ से अधिक फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन बीजेपी सरकार किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने में नाकाम रही है. आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पंजाब सरकार किसानों को 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे सकती है, तो बीजेपी की हरियाणा सरकार क्यों नहीं: AAP नेता
Courtesy: X

हरियाणा के किसान इन दिनों प्रकृति और सरकार, दोनों की मार झेल रहे हैं. भारी बारिश ने लाखों एकड़ फसलों को तबाह कर दिया, लेकिन बीजेपी सरकार की ओर से राहत के नाम पर सिर्फ बयानबाजी हो रही है. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए. उन्होंने पंजाब की आप सरकार की मिसाल दी, जो किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे रही है. हरियाणा के किसानों की अनदेखी ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं.

किसानों की बदहाली

हरियाणा में 20 लाख एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. किसान अपनी मेहनत और कमाई खोकर हताश हैं. अनुराग ढांडा ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा नाकाफी है. कई किसान तो पोर्टल की गड़बड़ियों के कारण राहत राशि तक नहीं निकाल पा रहे. यह स्थिति किसानों के लिए दुखद और अपमानजनक है.

सरकार की निष्क्रियता

ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मंत्रियों पर गांवों में न जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार मीटिंगों और कागजी दावों तक सीमित है. पहले भी यह सरकार किसान विरोधी कानून लाने की कोशिश कर चुकी है, और आज भी उसका रवैया नहीं बदला. किसानों की अनदेखी उनकी नीति का हिस्सा बन चुकी है.

पंजाब की मिसाल

पंजाब की आप सरकार ने किसानों के नुकसान को गंभीरता से लिया. वहां प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजा देकर किसानों का सम्मान किया जा रहा है. ढांडा ने कहा कि पंजाब ने दिखाया कि किसानों की तकलीफ का समाधान संभव है. हरियाणा सरकार की तुलना में पंजाब का मॉडल राहत और सम्मान का प्रतीक है.

आप का संकल्प

अनुराग ढांडा ने वादा किया कि आप हरियाणा के किसानों के हक के लिए लड़ेगी. उन्होंने कहा कि जब पंजाब के किसान राहत पा सकते हैं, तो हरियाणा के किसान भी पीछे नहीं रहेंगे. आप सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी और किसानों को उनका हक दिलाएगी. यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलता.