menu-icon
India Daily

मिनी बस ऑपरेटरों को मिली बड़ी राहत, पासिंग फीस और अवैध वाहनों पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान!

पंजाब के परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मिनी बस ऑपरेटरों को पासिंग फीस और अवैध वाहनों की समस्या पर राहत का भरोसा दिया है. सरकार ने सख्त कार्रवाई और समीक्षा के निर्देश जारी किए हैं.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
मिनी बस ऑपरेटरों को मिली बड़ी राहत, पासिंग फीस और अवैध वाहनों पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान!
Courtesy: Pinterest

पंजाब में मिनी बस ऑपरेटरों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. बढ़ती लागत, पासिंग फीस में वृद्धि और अवैध वाहनों के संचालन से जूझ रहे परिवहन कारोबारियों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है. सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया है. परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मिनी बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान पासिंग फीस, अवैध वाहनों के संचालन और प्रशासनिक देरी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक के बाद सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं.

पासिंग फीस को लेकर सरकार का बड़ा आश्वासन

बैठक में ऑपरेटरों ने वाहनों की पासिंग फीस में हुई बढ़ोतरी को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया. इस पर मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने के लिए सभी कानूनी समाधानों पर विचार किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छोटे और मध्यम स्तर के परिवहन कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े.

अवैध वाहनों पर होगी सख्त कार्रवाई

मिनी बस ऑपरेटरों ने निर्धारित मार्गों पर अवैध रूप से चल रहे वाहनों की समस्या भी उठाई. उनका कहना था कि ऐसे वाहन न केवल कारोबार को प्रभावित करते हैं बल्कि यातायात व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर भी असर डालते हैं. इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए अवैध संचालन पर सख्ती बरतने को कहा.

बढ़ती लागत ने बढ़ाई कारोबारियों की चिंता

बैठक के दौरान डीजल, टायर और मोटर लुब्रिकेंट्स की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी सामने आया. ऑपरेटरों ने बताया कि लगातार बढ़ते खर्चों के कारण व्यवसाय चलाना मुश्किल होता जा रहा है. सरकार ने इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को स्थिति का आकलन करने और राहत के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं.

कर ढांचे की होगी व्यापक समीक्षा

मंत्री ने वित्त और परिवहन विभाग को राज्य स्तरीय कर व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन उपायों के जरिए परिवहन क्षेत्र को राहत दी जा सकती है. सरकार का मानना है कि स्वरोजगार से जुड़े हजारों परिवहन ऑपरेटरों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है, ताकि यह क्षेत्र आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे.

प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बनाया जाएगा आसान

बैठक में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में प्रशासनिक देरी का मुद्दा भी उठा. कई स्थानों पर स्थायी अधिकारियों के बजाय अतिरिक्त प्रभार के चलते कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इस पर विभाग को नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने, डिजिटल क्लीयरेंस सिस्टम को मजबूत करने और प्रमाणपत्रों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का लक्ष्य परिवहन व्यवस्था को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाना है.