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India Daily

Gold ETF Crash: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, सिल्वर ईटीएफ 4% तक लुढ़के, निवेशकों में बढ़ी बेचैनी

सोना और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट का असर ईटीएफ बाजार पर भी दिखा. सिल्वर ईटीएफ में करीब 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है जबकि गोल्ड ईटीएफ भी लगभग 2 प्रतिशत तक कमजोर हुए.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
Gold ETF Crash: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, सिल्वर ईटीएफ 4% तक लुढ़के, निवेशकों में बढ़ी बेचैनी
Courtesy: ai generated

कीमती धातुओं के बाजार में जारी उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में आई कमजोरी का सीधा असर गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ पर देखने को मिला. बुधवार सुबह कारोबार के दौरान अधिकांश सिल्वर ईटीएफ में करीब 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि गोल्ड ईटीएफ भी दबाव में रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलते संकेत और डॉलर की मजबूती ने इस गिरावट को और तेज किया है.

सिल्वर ईटीएफ में सबसे बड़ी गिरावट

बाजार खुलते ही सिल्वर आधारित ईटीएफ में भारी बिकवाली देखने को मिली. निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ, एसबीआई सिल्वर ईटीएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ और टाटा सिल्वर ईटीएफ सभी में लगभग 4 प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई. निवेशकों ने चांदी की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए मुनाफावसूली की है. इससे इन फंड्स का प्रदर्शन प्रभावित हुआ. पिछले कुछ दिनों से चांदी में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है.

गोल्ड ईटीएफ भी दबाव में रहे

सोने से जुड़े ईटीएफ भी बाजार की कमजोरी से अछूते नहीं रहे. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ, निप्पॉन इंडिया गोल्ड बीईईएस और टाटा गोल्ड ईटीएफ में करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. एमसीएक्स पर सोने के अगस्त वायदा भाव में कमजोरी देखने को मिली. हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद कुछ रिकवरी हुई, लेकिन कीमतें अभी भी पिछले सप्ताह के स्तर से नीचे बनी हुई हैं. इससे गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का रुझान फिलहाल कमजोर दिखाई दिया.

एमसीएक्स पर चांदी में भारी उतार-चढ़ाव

चांदी के वायदा कारोबार में दिन की शुरुआत काफी अस्थिर रही. जुलाई अनुबंध शुरुआती कारोबार में करीब 3,000 रुपये तक टूट गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसमें तेज सुधार भी देखने को मिला. इसके बावजूद सप्ताह के शुरुआती चार कारोबारी दिनों में चांदी की कीमतों में लगभग 17,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आ चुकी है. इस बड़े उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ा दी है. विशेषज्ञ इसे वैश्विक बाजारों में बदलते संकेतों और मांग संबंधी चिंताओं से जोड़कर देख रहे हैं.

वैश्विक संकेतों का बढ़ा असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती अटकलों ने सोने की मांग को प्रभावित किया है. निवेशकों का मानना है कि यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाता है तो सोने जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश साधनों की आकर्षण क्षमता कम हो सकती है. दूसरी ओर, शेयर बाजार में मजबूती बनी हुई है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जिससे निवेशकों का झुकाव फिलहाल इक्विटी बाजार की ओर अधिक नजर आ रहा है.