नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और पंजाब-हरियाणा की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम दिल्ली का समग्र AQI 322 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है. वहीं आनंद विहार और वजीरपुर जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर तक गिर गई. विशेषज्ञों का कहना है कि धीमी हवा और बढ़ती पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण को और बढ़ा रही हैं.
दिल्ली के साथ हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है. हरियाणा के फतेहाबाद में AQI 329 दर्ज किया गया, जबकि बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और पानीपत में यह क्रमशः 324, 307 और 306 रहा. पंजाब में अमृतसर और लुधियाना जैसे शहरों में ‘खराब’ और ‘मध्यम’ श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की गई.
सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 322 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. आनंद विहार (430) और वजीरपुर (403) में स्थिति सबसे गंभीर रही. कई इलाकों में AQI 350 से ऊपर पहुंच गया, जिससे सांस और हृदय रोगियों के लिए खतरा बढ़ गया है.
हरियाणा के फतेहाबाद, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और पानीपत में हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही. इन शहरों में AQI 300 से ऊपर दर्ज हुआ. विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन धुआं और पराली जलाना प्रमुख कारण हैं.
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘मध्यम’ श्रेणी के बीच रही. यहां पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं से हवा की गुणवत्ता में गिरावट आई है. अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार फिलहाल बहुत धीमी है, जिससे प्रदूषक कण हवा में ही अटके हुए हैं. जब तक तेज हवा या हल्की बारिश नहीं होती, वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना कम है.
दिल्ली और हरियाणा सरकारों ने ग्रैप (GRAP) के तहत निर्माण कार्यों पर रोक और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं. डॉक्टरों ने लोगों को सुबह की सैर से बचने, मास्क पहनने और बच्चों व बुजुर्गों को घर के अंदर रखने की सलाह दी है.