चंडीगढ़ प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों से जुड़े मामलों में एक बड़ा बदलाव किया है. अब अगर किसी वाहन चालक का चालान CCTV कैमरे की मदद से काटा जाता है और उसे लगता है कि चालान गलत है, तो वह इसे प्रशासन के पोर्टल पर चुनौती दे सकता है.
यह व्यवस्था सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट रूल्स)-2026 के तहत लागू की गई है. इसका उद्देश्य लोगों को अपनी बात रखने और गलत चालान होने की स्थिति में राहत देने का मौका देना है.
नए नियमों के अनुसार, चालान मिलने के बाद वाहन चालक के पास दो विकल्प होंगे. पहला, वह चालान स्वीकार कर जुर्माना भर दे. दूसरा, अगर उसे लगता है कि चालान गलत है, तो वह 45 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेजी सबूतों के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है. यदि कोई व्यक्ति 45 दिनों के भीतर चालान को चुनौती नहीं देता है, तो माना जाएगा कि उसने चालान स्वीकार कर लिया है. इसके बाद उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जुर्माना जमा करना होगा.
प्रशासन के अनुसार, चालान को चुनौती देने के बाद संबंधित अधिकारी मामले की जांच करेंगे. अगर शिकायत सही पाई जाती है, तो चालान रद्द किया जा सकता है. वहीं यदि अधिकारी सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद आपत्ति को खारिज कर देते हैं, तो वाहन चालक को आदेश मिलने या पोर्टल पर अपलोड होने के 30 दिनों के भीतर जुर्माना भरना होगा. अगर व्यक्ति निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि जमा कर अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकता है.
नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति समय पर जुर्माना नहीं भरता और न ही कोर्ट में अपील करता है, तो चालान को स्वीकार माना जाएगा. ऐसी स्थिति में लाइसेंसिंग अथॉरिटी या वाहन पंजीकरण विभाग उसके ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन से जुड़े अन्य आवेदनों पर कार्रवाई रोक सकता है. यानी भविष्य में वाहन संबंधी कई काम प्रभावित हो सकते हैं.
नए नियमों के तहत प्रशासन को भी समय सीमा का पालन करना होगा. फिजिकल चालान 15 दिनों के भीतर भेजा जाएगा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक चालान अधिकतम तीन दिनों के अंदर वाहन मालिक तक पहुंचाना होगा. वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से बड़ी संख्या में चालानों का समाधान किया जा चुका है, जिससे लोगों को घर बैठे राहत मिली है.