दिल्ली पुलिस ने बच्चों की तस्करी और खरीद फरोख्त में शामिल एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस की विशेष कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है. इस मामले ने राजधानी समेत कई राज्यों में सक्रिय मानव तस्करी नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई दिल्ली और राजस्थान में एक साथ चलाए गए अभियान के दौरान की गई. जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह लंबे समय से बच्चों की अवैध खरीद फरोख्त में शामिल था. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.
जांच में पता चला है कि गिरोह नवजात बच्चों को दूसरे राज्यों से लाने के लिए जन्म से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर करता था. इसके बाद बच्चों की पहचान बदलकर उन्हें ऐसे लोगों को सौंप दिया जाता था जो बच्चे गोद लेना चाहते थे. पुलिस को संदेह है कि इस अवैध कारोबार में कई स्तरों पर लोग शामिल हो सकते हैं. दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक गिरोह नवजात बच्चों को लाखों रुपये लेकर बेचता था. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ बच्चों को हरियाणा में भी बेचा गया था. अब तक की जांच में यह पुष्टि हुई है कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 20 से अधिक बच्चों की अवैध बिक्री की गई थी. हालांकि वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की आशंका जताई जा रही है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है. इन बच्चों की पहचान और उनके परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है. बाल संरक्षण से जुड़ी एजेंसियों को भी मामले में शामिल किया गया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह का नेटवर्क किन किन राज्यों तक फैला हुआ था. पुलिस अंतरराज्यीय संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चों को बेचने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे. यह मामला बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है. पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.