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चंडीगढ़ में सुखना चोए पर बनेगा आधुनिक हाईलेवल पुल, जाम और जलभराव से मिलगी राहत

चंडीगढ़ प्रशासन मनीमाजरा और सेक्टर-26 के बीच सुखना चोए पर 17 करोड़ रुपये की लागत से हाईलेवल पुल बनाएगा. इससे बारिश और बाढ़ के दौरान भी यातायात सुचारु रहेगा और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़ में लंबे समय से बारिश के मौसम में लोगों को परेशान करने वाला सुखना चोए का लो-लेवल काजवे अब इतिहास बनने जा रहा है. प्रशासन ने इसकी जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस चार लेन का हाईलेवल पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. करीब 17 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य मनीमाजरा, पंचकूला और आईटी पार्क के बीच निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करना है. प्रशासन का दावा है कि पुल बनने के बाद बाढ़ और भारी बारिश के दौरान भी यातायात प्रभावित नहीं होगा.

चंडीगढ़ प्रशासन ने परियोजना के लिए निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. टेंडर जारी किए जा चुके हैं और लक्ष्य रखा गया है कि एक वर्ष के भीतर पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाए. यह परियोजना शहर की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना योजनाओं में शामिल मानी जा रही है.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा पुल

प्रस्तावित पुल लगभग 500 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा होगा. इसमें चार लेन के साथ दोनों ओर साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए दो-दो मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे. यह पुल सेक्टर-26 के टी-पॉइंट को मनीमाजरा के शास्त्री नगर क्षेत्र से जोड़ेगा.


यातायात सुधार के लिए अतिरिक्त इंतजाम

सिर्फ पुल ही नहीं, बल्कि आसपास के यातायात ढांचे को भी बेहतर बनाया जाएगा. सेक्टर-26 जंक्शन को ऊंचा किया जाएगा. ट्रांसपोर्ट चौक की ओर नई स्लिप रोड और मनीमाजरा जाने वाले वाहनों के लिए फ्री लेफ्ट टर्न की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे जाम की समस्या कम होगी.

बारिश में बार-बार बनती थी परेशानी

मौजूदा काजवे हर साल मानसून के दौरान पानी में डूब जाता है. वर्ष 2023 की बाढ़ के दौरान सुखना झील से छोड़े गए पानी ने इसे नुकसान पहुंचाया था. कई दिनों तक यातायात बंद रहने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. इसी अनुभव के बाद प्रशासन ने स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया.

हजारों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

यह मार्ग पंचकूला, मनीमाजरा और आईटी पार्क के बीच प्रमुख संपर्क कड़ी है. इसी रास्ते से लोग हाईकोर्ट, सचिवालय, सुखना लेक और शहर के उत्तरी सेक्टरों तक पहुंचते हैं. प्रशासन का मानना है कि नया पुल न केवल संपर्क को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी शहर की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखेगा.