राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' विवाद पर संत का बड़ा दावा, बोले- 'कोई नहीं दे रहा दान पूरा अयोध्या भुगत रहा असर'

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर संत रामदास बाल योगी ने नाराजगी जताई. उनका दावा है कि इस विवाद के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और दान में कमी आई है, जिसका असर पूरे अयोध्या पर दिखाई दे रहा है

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Sagar Bhardwaj

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद ने धार्मिक और सामाजिक स्तर पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है. इस मामले को लेकर कई संतों ने चिंता जताई है. संत रामदास बाल योगी का कहना है कि इस विवाद का असर केवल राम मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अयोध्या की धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं के विश्वास पर भी पड़ा है. उन्होंने इसे आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है.

'दान और श्रद्धालुओं की संख्या पर पड़ा असर'

रामदास बाल योगी ने कहा कि चढ़ावे की कथित चोरी की घटना के बाद श्रद्धालुओं के मन में नाराजगी बढ़ी है. उनके अनुसार, पहले जो श्रद्धालु राम मंदिर के दर्शन के बाद आसपास के अन्य मंदिरों में भी पहुंचते थे, उनकी संख्या अब कम दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि मां सरयू के तट पर होने वाली आरती में भी पहले जैसी भीड़ नहीं रही और दान में भी कमी महसूस की जा रही है. उनका कहना था कि यदि धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठेंगे तो उसका असर पूरे धार्मिक वातावरण पर पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा, लेकिन धार्मिक दृष्टि से ऐसे कृत्य कभी उचित नहीं माने जा सकते.

ट्रस्ट और जिम्मेदारी पर उठाए सवाल

रामदास बाल योगी ने कहा कि जब इस मामले की जानकारी सार्वजनिक हुई तो शुरुआत में इस तरह की किसी घटना से इनकार किया गया. उन्होंने कहा कि यदि मंदिर निर्माण और उसकी उपलब्धियों का श्रेय संबंधित पदाधिकारी लेते रहे हैं, तो विवाद या कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय करने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चोरी या अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही किस स्तर पर तय होगी. उनके अनुसार, केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर जिम्मेदारी डालना पर्याप्त नहीं माना जा सकता.


पहले भी अनियमितताओं के आरोपों का जिक्र

संत रामदास बाल योगी ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि मंदिर से जुड़े कुछ मामलों में पहले भी अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आते रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और निगरानी के बावजूद यदि ऐसी घटनाओं की चर्चा हो रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में कुछ लोगों द्वारा संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दिए जाने की बात कही गई थी. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं.

पारदर्शिता से लौटेगा श्रद्धालुओं का विश्वास

रामदास बाल योगी ने कहा कि अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां होने वाली किसी भी विवादित घटना का असर व्यापक स्तर पर महसूस किया जाता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच, स्पष्ट जवाबदेही और पारदर्शिता ही लोगों का भरोसा दोबारा मजबूत कर सकती है. उनके अनुसार, धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे और अयोध्या की आध्यात्मिक गरिमा पर किसी तरह का प्रश्नचिह्न न लगे.