'भक्तों का सोना-चांदी सुरक्षित दोषियों को मिलेगी...', चंपत राय के इस्तीफे पर 11 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में महा-फैसला
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की. भक्तों का चढ़ाया सोना-चांदी सुरक्षित बताया, दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा दिया और 11 जुलाई को बैठक में फैसला होगा.
राम मंदिर दान चोरी कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. शनिवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि इन त्यागपत्रों पर 11 जुलाई की बैठक में विचार किया जाएगा. ट्रस्ट ने भक्तों को भरोसा दिलाया कि उनका चढ़ाया सोना-चांदी पूरी तरह सुरक्षित है.
दोषियों को कड़ी सजा का वादा
स्वामी गोविंददेव गिरि ने देशभर के उन श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया जिन्होंने राम मंदिर में सोने-चांदी के गहने और चांदी की ईंटें भेंट की थी. उन्होंने कहा कि वे सभी वस्तुएं पूरी तरह महफूज हैं और आगे ऐसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति न आए, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने यह भी साफ किया कि जो लोग इस चोरी के पीछे हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी और ट्रस्ट इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएगा.
FIR और आठ गिरफ्तारियां
यह मामला सबसे पहले 7 जून को सामने आया था. इसके बाद यूपी सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया. एसआईटी ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी और 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज हुई. इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को नामजद किया गया. कुछ घंटों के भीतर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत ने तीन दिन की जेल भेज दिया. शुक्रवार को ही चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.
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केजरीवाल पर भी उठे सवाल
जकार्ता में एक कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री इस घटना पर भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि रावण ने तो सिर्फ माता जानकी को उठाया था लेकिन इन लोगों ने करोड़ों भक्तों की आस्था और भरोसा चुराया है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सरकारी दंड तो मिलेगा ही, भगवान भी उन्हें नहीं छोड़ेंगे. वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अरविंद केजरीवाल को मंदिर में मिले वीआईपी व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आम भक्तों से अलग नियमों पर जवाब मांगा है.