कुछ साल पहले तक जिन खेतों में सिंचाई के लिए किसानों को मोटरों और महंगे भूजल पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब नहरों का पानी सीधे खेतों तक पहुंच रहा है. इसका असर खेती की लागत से लेकर फसलों की गुणवत्ता तक साफ दिखाई दे रहा है. पंजाब में किसानों के बीच नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है और कई किसान इसे खेती के लिए राहत भरा कदम मान रहे हैं.
आम आदमी पंजाब ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए राज्य सरकार की सिंचाई संबंधी पहल को रेखांकित किया. पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में नहरों का पानी खेतों तक पहुंचाने के प्रयासों ने कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है. इसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए मोटरों पर कम निर्भर रहना पड़ रहा है.
नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों को कई स्तरों पर फायदा मिल रहा है. पहले जहां सिंचाई के लिए बिजली और डीजल खर्च करना पड़ता था, वहीं अब प्राकृतिक जल स्रोतों का बेहतर उपयोग हो रहा है. इससे खेती की लागत में कमी आने की संभावना बढ़ी है.
पंजाब लंबे समय से गिरते भूजल स्तर की समस्या से जूझ रहा है. ऐसे में नहरों के पानी का अधिक उपयोग भूजल दोहन को कम करने में मदद कर सकता है. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सतही जल स्रोतों के बेहतर इस्तेमाल से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में जल संकट की चुनौती को कम किया जा सकेगा.
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਖੇਤਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੇ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਨੇ ਬਦਲੀ ਖੇਤੀ ਦੀ ਤਸਵੀਰ। ਬਿਨਾਂ ਮੋਟਰਾਂ ਚਲਾਏ ਖੇਤਾਂ 'ਚ ਪਹੁੰਚ ਰਹੇ ਪਾਣੀ ਲਈ ਕਿਸਾਨ ਕਰ ਰਹੇ CM ਮਾਨ ਦੇ ਇਸ ਨੇਕ ਕਾਰਜ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ। pic.twitter.com/4v4G1X4avr
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 15, 2026
किसानों का कहना है कि समय पर पर्याप्त पानी मिलने से फसलों की स्थिति बेहतर बनी रहती है. सिंचाई की चिंता कम होने से किसान खेती के अन्य पहलुओं पर भी अधिक ध्यान दे पा रहे हैं. इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार की उम्मीद बढ़ी है.
आम आदमी पार्टी के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाना है. नहरों के पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को किसानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. सरकार का मानना है कि ऐसी योजनाएं भविष्य में पंजाब की कृषि व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.