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पंजाब में महासम्मेलनों के जरिए मैदान में उतरी बीजेपी, OBC वोट बैंक पर रहेगा फोकस

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने ओबीसी मतदाताओं पर फोकस बढ़ा दिया है. अबोहर में सर्व समाज ओबीसी महासम्मेलन आयोजित कर पार्टी ने अभियान की शुरुआत की है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पंजाब में महासम्मेलनों के जरिए मैदान में उतरी बीजेपी, OBC वोट बैंक पर रहेगा फोकस
Courtesy: Pinterest

चंडीगढ़: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मतदाताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है. पार्टी राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने और नए सामाजिक समीकरण तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है. इसी दिशा में बीजेपी ने बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान शुरू किया है और ओबीसी समुदाय तक पहुंचने के लिए महासम्मेलनों का आयोजन कर रही है.

इस अभियान की शुरुआत फाजिल्का जिले के अबोहर में आयोजित सर्व समाज ओबीसी महासम्मेलन से की गई. इस कार्यक्रम में फाजिल्का, फिरोजपुर और श्री मुक्तसर साहिब जिलों के 10 से 15 विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इन इलाकों में ओबीसी समुदाय की अच्छी खासी आबादी है, जिसे बीजेपी अपने पक्ष में लाने का प्रयास कर रही है.

राजनीतिक जानकारों का क्या है कहना?

राजनीतिक जानकारों के अनुसार अबोहर में सम्मेलन आयोजित करना भी बीजेपी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. यह क्षेत्र पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का गृह नगर है और वह कई बार यहां से विधायक रह चुके हैं. ऐसे में पार्टी इस इलाके के प्रभाव का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है.

कौन-कौन हुआ शामिल?

बीजेपी ने अपने प्रमुख ओबीसी चेहरे और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी पंजाब में सक्रिय भूमिका दी है. अबोहर में आयोजित महासम्मेलन में नायब सिंह सैनी, सुनील जाखड़ और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. पार्टी का मानना है कि ओबीसी समुदाय से आने वाले नेताओं की मौजूदगी से मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा.

इसके अलावा हरियाणा सरकार के मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज को भी पंजाब में संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं. दोनों नेता लगातार स्थानीय समुदायों और पार्टी कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं और संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं.

क्या कहते हैं मतदाता के आंकड़े?

मतदाता आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब में ओबीसी समुदाय राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार राज्य में लगभग 2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें करीब 31 से 32 प्रतिशत ओबीसी और लगभग 32 प्रतिशत अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाता बताए जाते हैं. यही कारण है कि बीजेपी इस वर्ग को साधने के लिए विशेष प्रयास कर रही है.

पार्टी कितने सीटों पर लड़ेगी चुनाव?

इस बीच पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस रणनीति पर अंतिम मुहर लगाई गई. बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महासचिव बीएल संतोष मौजूद रहे.

बीजेपी का मानना है कि यदि वह ओबीसी समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल रहती है तो पंजाब की राजनीति में उसकी स्थिति पहले से अधिक मजबूत हो सकती है.