पंजाब सरकार राज्य में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरकार की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया.
सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में नहरों के माध्यम से किसानों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है, जिससे खेती के लिए भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना और जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है. इसके लिए नहर नेटवर्क को मजबूत करने और उसकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. सरकार के अनुसार खेती में नहरों के पानी का उपयोग पहले जहां लगभग 22 प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर 88 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है. यह बदलाव कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से पंजाब में सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और भूजल पर अत्यधिक निर्भरता बनी हुई थी. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नहरों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होता है, तो भूजल स्तर को संरक्षित करने में भी सहायता मिल सकती है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार नहरों के आधुनिकीकरण और रखरखाव पर जोर दे रही है.
ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਚੁੱਕੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕਦਮ
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 23, 2026
ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ CM @BhagwantMann ਨੇ ਦੱਸੇ ਵੇਰਵੇ
🔹 22% ਤੋਂ 88% ਤੱਕ ਵਧਾਈ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਰਤੋਂ
🔹 24,000 ਕਿਉਸਿਕ ਤੋਂ ਵਧਾ ਕੇ 36000 ਕਿਉਸਿਕ ਕੀਤੀ ਨਹਿਰਾਂ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ
🔹 ਅਕਤੂਬਰ 'ਚ ਸ਼ਾਹਪੁਰ ਕੰਢੀ ਡੈਮ ਦੇ ਪੂਰੇ ਹੋਣ… pic.twitter.com/YEoajgoYl2
राज्य की नहरों की जल वहन क्षमता को 24,000 क्यूसेक से बढ़ाकर 36,000 क्यूसेक किया गया है. क्षमता में यह वृद्धि कृषि क्षेत्रों तक अधिक मात्रा में पानी पहुंचाने के लिहाज से अहम मानी जा रही है. सरकार का कहना है कि क्षमता बढ़ने से पानी के वितरण में सुधार होगा और दूर-दराज के इलाकों तक भी सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकेगा. इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शाहपुर कंडी बांध परियोजना का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है. इसके बाद दो नई नहरों को शुरू किया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी. सरकार का मानना है कि नई नहरों के चालू होने से अधिक क्षेत्रों तक पानी पहुंच सकेगा और किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे. इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन को भी नई दिशा मिलेगी.