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India Daily

'डर फैला रहे राहुल, जंतर-मंतर पर टुकड़े-टुकड़े गैंग सक्रिय', NEET विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संकेत दिया है कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित हो सकती है. उन्होंने पेपर लीक पर सख्ती का भरोसा जताते हुए राहुल गांधी पर छात्रों में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया.

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'डर फैला रहे राहुल, जंतर-मंतर पर टुकड़े-टुकड़े गैंग सक्रिय', NEET विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर केंद्र सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक साक्षात्कार में परीक्षा सुधारों, पेपर लीक विवाद और छात्रों की चिंताओं पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए काम कर रही है. साथ ही अगले वर्ष से NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित करने की संभावना भी जताई. इस बयान ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का ध्यान खींचा है.

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अगले वर्ष से NEET को कंप्यूटर आधारित टेस्ट के रूप में आयोजित किया जा सकता है. उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से अभी से इस बदलाव के लिए तैयार रहने की अपील की. मंत्री के अनुसार, परीक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पेपर लीक पर सरकार का सख्त रुख

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को रोकने के लिए लगातार कदम उठा रही है. उनका कहना था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कानूनी और तकनीकी दोनों स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम जारी है.

राहुल गांधी पर साधा निशाना

धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर छात्रों के बीच डर और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन छात्रों के मन में अनावश्यक आशंका पैदा करना उचित नहीं है. मंत्री ने दावा किया कि देश के युवा अपनी पढ़ाई और परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

अबू धाबी परीक्षा केंद्र विवाद पर प्रतिक्रिया

नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र अबू धाबी मिलने के मामले पर भी मंत्री ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र का चयन छात्र की ओर से किया गया था और बाद में वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी. इसके बावजूद इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की गई.

प्रदर्शनों और परीक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी

जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है. हालांकि उन्होंने कुछ संगठनों की मंशा पर सवाल उठाए. मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना है जिसमें त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो.