चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की भर्ती प्रक्रिया, शिक्षा सुधारों और कर्मचारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी साझा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य योग्य युवाओं को निष्पक्ष अवसर प्रदान कर पंजाब को विकास की नई दिशा देना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर रिश्वतखोरी और पक्षपात के आरोप लगते रहे, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं. उन्होंने दावा किया कि पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अब तक 68,288 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं. उनका कहना था कि भर्ती में योग्यता को ही एकमात्र आधार बनाया गया है.
भगवंत मान ने कहा कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और बेहतर अवसरों के कारण अब कई युवा पंजाब लौट रहे हैं. उन्होंने बताया कि पहले रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले युवाओं का रुझान अधिक था, लेकिन अब राज्य में उपलब्ध हो रहे अवसरों के चलते युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है. सरकार का उद्देश्य युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. उनके अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और राज्य की स्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों के हित में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद महिला कर्मचारियों की पोस्टिंग उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में करने की व्यवस्था लागू की जाएगी. इससे परिवार और कार्यस्थल के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मेहनत, ईमानदारी और जनसेवा के सिद्धांतों पर काम कर रही है. हर योग्य युवा को समान अवसर प्रदान कर राज्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की भागीदारी से पंजाब एक सशक्त, समृद्ध और जीवंत राज्य के रूप में नई पहचान बनाएगा.