नई दिल्ली: पंजाब के अमृतसर शहर से दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां बकाया स्कूल फीस के लिए एक छात्रा को इस कदर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा. बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक सत्रह वर्षीय छात्रा ने स्कूल प्रबंधन के कथित दुर्व्यवहार और लगातार बढ़ते दबाव से तंग आकर आत्मघाती कदम उठा लिया. इलाज के दौरान उसकी दर्दनाक मौत हो गई.
दम तोड़ने से पहले आईसीयू के बिस्तर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही पीड़ित छात्रा का एक बेहद भावुक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में छात्रा की पहचान अमजोत कौर के रूप में हुई है, जो अमृतसर के 88 फीट रोड इलाके की रहने वाली थी. वीडियो में वह रोते हुए अपनी आपबीती सुना रही है. उसने बताया कि स्कूल की प्रिंसिपल उसे एक अलग कमरे में ले गई थीं, जहां उसे बेहद बुरी तरह मानसिक रूप से टॉर्चर किया गया.
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती अमजोत ने मरने से पहले रिकॉर्ड किए गए बयान में कहा कि 11 मई को उसे विशेष रूप से स्कूल बुलाया गया था. वहां फीस न चुका पाने के कारण उसे अपमानित किया गया और बाद में पढ़ाई के ऑनलाइन क्लास ग्रुप से भी बाहर निकाल दिया गया. छात्रा ने रोते हुए कहा कि उसकी इस हालत के लिए पूरी तरह स्कूल प्रशासन जिम्मेदार है. उसने रुंधे गले से देश और कानून से अपने लिए इंसाफ मांगा.
मृतक छात्रा अपनी मौसी सरबजीत कौर के घर रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थी. परिजनों के मुताबिक, अमजोत की स्कूल फीस के करीब 20 हजार रुपये बकाया थे, जिसे चुकाने के लिए परिवार कुछ समय की मोहलत मांग रहा था. मौसी ने आरोप लगाया कि डीडीआईएस स्कूल, फतेहगढ़ चूड़ियां रोड की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास टीचर आकांक्षा शर्मा फीस को लेकर लगातार अमजोत पर अनुचित दबाव बना रही थीं, जिससे वह गहरे अवसाद में चली गई थी.
इस बेहद गंभीर मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान सामने नहीं आया है. दूसरी तरफ, घटना की सूचना मिलते ही चौकी विजय नगर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मृतका के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.