menu-icon
India Daily

रावी के सरकंडों में छिपी थी नशे और हथियारों की खेप, पुलिस ने खोला पूरा राज

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने रावी नदी के पास तलाशी अभियान में 1.310 किलोग्राम आइस ड्रग और तीन पिस्टल बरामद की हैं. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू की है.

KanhaiyaaZee
रावी के सरकंडों में छिपी थी नशे और हथियारों की खेप, पुलिस ने खोला पूरा राज
Courtesy: Social Media

अमृतसर: अमृतसर के सीमावर्ती इलाके में पंजाब पुलिस ने नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है. रामदास थाना पुलिस ने रावी नदी के पास सरकंडों वाले इलाके में तलाशी के दौरान तीन पैकेट बरामद किए. पुलिस के मुताबिक, इन पैकेटों में 1 किलो 310 ग्राम आइस ड्रग और तीन पिस्टल मिली हैं. शुरुआती जांच में इनके ड्रोन के जरिए सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में पहुंचाए जाने की आशंका जताई गई है.

पुलिस को इस खेप के बारे में मुखबिर से जानकारी मिली थी. सूचना मिलने के बाद रामदास थाना पुलिस की टीम ने रावी नदी के आसपास संदिग्ध इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. तलाशी के दौरान सरकंडों के बीच पीले टेप में लिपटे तीन पैकेट दिखाई दिए. पुलिस ने सावधानी से उन्हें कब्जे में लिया और जांच की. पैकेटों से बरामद सामग्री ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी.

ड्रग के साथ तीन पिस्टल

पुलिस की जांच में पैकेटों के भीतर 1 किलो 310 ग्राम आइस ड्रग के अलावा तीन पिस्टल बरामद हुईं. सीमावर्ती क्षेत्र में एक ही जगह से नशीले पदार्थ और हथियार मिलने को पुलिस गंभीरता से देख रही है. अधिकारियों के अनुसार, बरामद सामग्री की जांच के साथ यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसे भारतीय क्षेत्र में किस उद्देश्य से भेजा गया था और इसे आगे किसे सौंपा जाना था.

ड्रोन के जरिए खेप पहुंचाने का शक

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि ड्रग और हथियार पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराए गए. हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए जांच जारी है. पुलिस अब आसपास के इलाके में मौजूद संभावित सुरागों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस खेप को सीमा से आगे ले जाने की जिम्मेदारी किसे दी गई थी.

तस्करी नेटवर्क की तलाश

मामले में रामदास थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब बरामद खेप से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है. सीमावर्ती इलाकों में ड्रग और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रख रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरी सप्लाई चेन के बारे में जानकारी सामने आ सकती है.