अमृतसर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. शहर में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है. इसी अभियान के तहत एक निजी अस्पताल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. निगम का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है. नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई सड़क पर फेंके गए कचरे की जांच के बाद की गई. जांच में मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अस्पताल की पहचान की गई. इसके बाद निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी.
नगर निगम के अनुसार रात के समय सड़क किनारे पड़े कचरे के बैगों की जांच की गई. इनमें मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री से यह संकेत मिला कि कचरा ओम प्रकाश आई अस्पताल से संबंधित है. इसके आधार पर अस्पताल पर 10 हजार रुपये का चालान किया गया. अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना स्वच्छता नियमों का सीधा उल्लंघन है.
नगर निगम आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि कचरे में बायो-मेडिकल वेस्ट भी शामिल था, तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए.
अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम शहर से प्रतिदिन तीन बार कचरा संग्रहण करता है. इसके बावजूद कुछ संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं. निगम ने सभी संस्थानों से अपील की है कि वे कचरे का निस्तारण तय प्रक्रिया के तहत करें, अन्यथा उनके खिलाफ आर्थिक दंड के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
नगर निगम का कहना है कि शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा. सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, गंदगी फैलाने या स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा. निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में भागीदारी निभाने का आग्रह किया है.
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में शहरभर में निगरानी और सख्त की जाएगी. जिन संस्थानों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ओर से नियमों की अनदेखी की जाएगी, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि सामूहिक सहयोग और नियमों के पालन से ही अमृतसर को स्वच्छ और बेहतर शहर बनाया जा सकता है.