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66 किलो सोना, 335 किलो चांदी और 703 करोड़ का बीमा! मुंबई के GSB महागणपति की भव्यता देख रह जाएंगे दंग

मुंबई के किंग्स सर्कल में GSB सेवा मंडल ने 72वें गणेशोत्सव से पहले महागणपति के विराट स्वरूप का अनावरण किया. प्रतिमा को 66 किलो से अधिक सोने, चांदी और रत्नों से सजाया गया है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
66 किलो सोना, 335 किलो चांदी और 703 करोड़ का बीमा! मुंबई के GSB महागणपति की भव्यता देख रह जाएंगे दंग
Courtesy: X

मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच किंग्स सर्कल का GSB सेवा मंडल एक बार फिर अपनी भव्य परंपरा को लेकर चर्चा में है. मंडल ने 72वें गणेशोत्सव से पहले महागणपति के विराट दर्शन कराए हैं. प्रतिमा पर 66 किलो से ज्यादा शुद्ध सोना, 335 किलो चांदी और कीमती रत्नों का इस्तेमाल किया गया है. इस बार पूरे उत्सव के लिए 703.27 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बीमा कवर भी लिया गया है. मुख्य पांच दिवसीय आयोजन 14 से 18 सितंबर तक होगा.

सोने-चांदी और रत्नों से सजे महागणपति

GSB सेवा मंडल के महागणपति की भव्य सजावट हर साल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहती है. इस बार प्रतिमा को 66 किलो से ज्यादा शुद्ध सोने और 335 किलो चांदी के साथ कीमती रत्नों से सजाया गया है. मंडल की आध्यात्मिक परंपरा लंबे समय से समृद्ध रही है. अब तक यहां 1 लाख से ज्यादा पूजा और सेवाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जो मंडल की धार्मिक गतिविधियों के बड़े विस्तार को दर्शाती हैं.

हर दिन 40 हजार श्रद्धालुओं के लिए अन्नदान

गणेशोत्सव में पूजा के साथ सेवा कार्यों को भी खास महत्व दिया जाता है. मंडल की अन्नदान रसोई हर दिन करीब 40 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करती है. पूरे उत्सव के दौरान 2 लाख से ज्यादा लोगों तक अन्नदान पहुंचाने की योजना है. मंडल की यह पहल धार्मिक आयोजन को सेवा से जोड़ती है और बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को भोजन उपलब्ध कराने में मदद करती है.

महागणपति समेत पूरे उत्सव का 703 करोड़ का बीमा

इस साल GSB सेवा मंडल ने गणेशोत्सव के लिए 703.27 करोड़ रुपये का बीमा कवर लिया है. इसमें महागणपति की प्रतिमा और उससे जुड़ी संपत्तियां भी शामिल हैं. पिछले सालों की तुलना में यह राशि काफी ज्यादा है. साल 2025 में 474 करोड़ रुपये और 2024 में 400 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया था. मंडल को इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है.

डिजिटल व्यवस्था से पर्यावरण संरक्षण पर जोर

भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के साथ इस बार पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है. मंडल ने पारंपरिक और प्रिंटेड रसीदों को हटाकर पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी है. इसका उद्देश्य कागज की खपत कम करना और आयोजन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना है. मंडल के अनुसार मुख्य पांच दिवसीय गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होकर 18 सितंबर तक चलेगा. महागणपति की भव्य सजावट इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी.