कौन हैं एयर होस्टेस से CSP बनीं नेहा पचिसिया? अब गंभीर आरोपों के बाद CM ने किया सस्पेंड
कटनी की CSP नेहा पचिसिया को गंभीर आरोपों के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निलंबित कर दिया है. उन पर विवादित जमीन सौदे में भूमिका, पैसे मांगने और जबरन वसूली समेत कई आरोप लगे हैं.
राजगढ़: मध्य प्रदेश के कटनी की सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी CSP नेहा पचिसिया इन दिनों एक गंभीर मामले को लेकर चर्चा में हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें निलंबित कर दिया है.
उन पर हत्या के आरोपी से जुड़े परिवार से पैसे मांगने, जमीन के विवादित सौदे में भूमिका निभाने और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.
एयर होस्टेस से शुरू किया था करियर
नेहा पचिसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं. पुलिस सेवा में आने से पहले वह एयर इंडिया में एयर होस्टेस के रूप में काम कर चुकी हैं. 12वीं के बाद उन्होंने एविएशन की पढ़ाई की और एयरलाइन सेक्टर में करियर बनाया.
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बाद में उन्होंने सरकारी सेवा में आने का फैसला किया. उन्होंने 2012 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC की परीक्षा दी. वर्ष 2016 में परीक्षा का अंतिम परिणाम आया, जिसमें उन्होंने राज्य में 20वीं रैंक हासिल की. इसके बाद वह DSP के रूप में पुलिस सेवा में शामिल हुईं.
गुना से शुरू हुआ पुलिस करियर
नेहा पचिसिया की पहली पोस्टिंग गुना में CSP के तौर पर हुई. इसके बाद उन्होंने भोपाल पुलिस मुख्यालय और खंडवा में भी जिम्मेदारियां संभालीं. मई 2025 में उनका तबादला कटनी किया गया, जहां उन्हें शहर की CSP बनाया गया.
गुना में CSP रहते हुए उन्हें तीन पुलिस थानों में महिलाओं के लिए मोबाइल पुलिस स्टेशन शुरू करने की पहल का श्रेय दिया गया. इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके घर के आसपास ही कुछ विवादों के समाधान और पुलिस सहायता की सुविधा उपलब्ध कराना था.
जमीन सौदे को लेकर लगे गंभीर आरोप
मौजूदा मामला एक विवादित जमीन सौदे से जुड़ा है. जांच के अनुसार करीब 80 लाख रुपये मूल्य की बताई जा रही जमीन को कथित तौर पर सिर्फ 18 लाख रुपये में खरीदा गया. आरोप है कि जमीन हत्या के एक मामले से जुड़े व्यक्ति के परिवार की थी.
जबलपुर आईजी की जांच में आरोप सामने आया कि रमेश लोधी को रंगनाथ नगर थाने में रखने के बाद दो दिन तक CSP के सरकारी आवास में भी रखा गया. आरोप है कि रजिस्ट्री के दिन उसे सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया, ताकि वह वहां से भाग न सके या किसी से शिकायत न कर सके.