इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में नई पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान एक सड़क अचानक टूट गई. मामला गोराकुंड चौराहे से करीब 20 मीटर दूर का है. यहां नई 24 घंटे पानी की सप्लाई वाली पाइपलाइन की जांच चल रही थी. इसी दौरान सड़क के नीचे से पानी तेजी से बाहर आने लगा और देखते ही देखते सड़क का हिस्सा टूटकर खुल गया. इस घटना ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटना का CCTV फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में दिखाई देता है कि पानी की सप्लाई शुरू होते ही सड़क की ऊपरी सतह तेज दबाव के कारण फट जाती है. इसके बाद दरारों से पानी तेजी से बाहर निकलने लगता है. सड़क अचानक धंसने के बाद वहां मौजूद वाहन और पैदल चलने वाले लोग तुरंत उस जगह से दूर होते दिखाई देते हैं. घटना के बाद कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह घटना सोमवार को गोराकुंड चौराहे के पास हुई. सड़क के बीच से नई पानी की लाइन डाली गई थी और उसकी टेस्टिंग की जा रही थी. टेस्टिंग के दौरान पानी का दबाव बढ़ा तो सड़क का हिस्सा अचानक टूट गया. सड़क के टूटते ही वहां पानी निकलने लगा और बड़ा गड्ढा बन गया. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई.
यह सड़क स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी. दी गई जानकारी के अनुसार सड़क का निर्माण लगभग चार साल पहले किया गया था. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि गोराकुंड क्षेत्र की यह सड़क तीन साल भी ठीक से नहीं टिक पाई और नगर निगम को कई बार उस पर डामर से पैचवर्क कराना पड़ा. अब पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान सड़क टूटने से सवाल और बढ़ गए हैं.
इंदौर नगर निगम के सदस्य और सूचना समिति के प्रमुख राजेंद्र राठौर ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए गए कई कामों की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं. इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 1,000 करोड़ रुपये बताई गई है. राठौर के अनुसार उन्होंने पहले भी तत्कालीन मेयर और नगर निगम कमिश्नर के सामने निर्माण की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया था.
सड़क टूटने की घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि 40 करोड़ रुपये में बनी सड़क एक साल भी नहीं टिक पाई और अब बीच से फट गई. सिंघार ने इसे जनता की मेहनत की कमाई के इस्तेमाल से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगने की बात कही.
इंदौर में 40 करोड़ की सड़क, सिर्फ़ 1 साल में भाजपा सरकार के महा भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है!
— Umang Singhar (@UmangSinghar) August 18, 2026
जनता के करोड़ों रुपये से बनी सड़क एक साल भी नहीं टिक पाई और अब सड़क बीच से फट गई।
विडंबना देखिए यह हाल मुख्यमंत्री के प्रभारी जिले और नगरीय प्रशासन मंत्री के अपने शहर इंदौर का है।… pic.twitter.com/qDxhVz2fZ8
कांग्रेस ने भी सड़क टूटने का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया. पार्टी ने दावा किया कि इंदौर की स्मार्ट सिटी में 40 करोड़ रुपये में बनी सड़क साल भर में ही फट गई. कांग्रेस ने भाजपा के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए इसे 'करप्शन का मुजस्समा' बताया. पार्टी के मुताबिक यह घटना सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है.