लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुधवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले स्थित जगला गांव पहुंचे. यहां उन्होंने हाल के हफ्तों में कुपोषण, खसरा और मलेरिया जैसी बीमारियों के कारण जान गंवाने वाले मासूम बच्चों के परिवारों से मुलाकात की. राहुल गांधी ने पीड़ित माताओं और परिजनों से बातचीत कर उनका दुख साझा किया और उन्हें सांत्वना दी.
VIDEO | Balaghat, Madhya Pradesh: Congress MP Rahul Gandhi interacts with people in Jalga village and clicks photos with them.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/6DUHFHeC4g— Press Trust of India (@PTI_News) October 1, 2026Also Read
आदिवासी बाहुल्य जगला गांव और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण कई बच्चों की जान चली गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय पर सही इलाज, दवाइयां और पोषण आहार न मिलने की वजह से मासूमों ने दम तोड़ा. प्रदेश कांग्रेस नेताओं का दावा है कि क्षेत्र में पिछले छह महीनों से स्वास्थ्य टीम नहीं आई, आंगनबाड़ी केंद्र बंद पड़े हैं और टीकाकरण अभियान ठप है.
गांव में मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ये मौतें सिर्फ बीमारी से नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की नाकामी के कारण हुई हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में भी बच्चों का भूख और इलाज के अभाव में मरना शर्मनाक है. उन्होंने पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 24 घंटे चालू रखने तथा पोषण आहार योजना की जमीनी जांच कराने की मांग की.
#WATCH | Maharashtra | Congress MP and LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, leaves for Balaghat from Gondia, following the deaths of more than 30 tribal children in Balaghat's tribal-dominated areas pic.twitter.com/nNHONtchNL
— ANI (@ANI) October 1, 2026
मामले पर संज्ञान लेते हुए बालाघाट कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं. प्रशासन ने गांव में मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. राहुल गांधी ने परिवारों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से उठाएगी.