एमपी: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विवाद की आग भड़क गई है. दतिया जिले की भांडेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के महिलाओं और दलित-आदिवासी समुदाय को लेकर दिए गए बयान ने पूरे राज्य में हंगामा मचा दिया है. एक निजी न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में विधायक बरैया ने बेहद आपत्तिजनक और विवादास्पद बातें कही हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.
वीडियो में फूल सिंह बरैया कहते सुनाई दे रहे हैं कि खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप जैसी घटना हो सकती है. उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी में सुंदर लड़कियां कम होती हैं, इसलिए रेप की घटनाएं इन समुदायों में होती हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह कही कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि अगर कोई तीर्थ यात्रा पर नहीं जा पाता तो वह एससी-एसटी महिला या बच्ची के साथ रेप करके तीर्थ का फल प्राप्त कर सकता है.
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान कोई जुबानी फिसलन नहीं, बल्कि बीमार, विकृत और आपराधिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है।
— Ashish Usha Agarwal आशीष ऊषा अग्रवाल (@Ashish_HG) January 17, 2026
महिलाओं को “खूबसूरती” के तराज़ू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को “तीर्थ फल” कहना—
यह बयान नहीं, अपराधी मानसिकता की… pic.twitter.com/DFDW3aljTN
उन्होंने कहा कि घर पर रहकर रात में शेड्यूल कास्ट की लड़की को पकड़कर सहवास करने से वही पुण्य मिलता है. यह बयान महिलाओं की गरिमा, दलित-आदिवासी समुदाय की भावनाओं और संविधान के खिलाफ माना जा रहा है. विधायक बरैया खुद दलित वर्ग से आते हैं और पहले बहुजन समाज पार्टी में थे. 2024 लोकसभा चुनाव से पहले वे कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए थे. वे भांडेर से विधायक हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं.
इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मध्य प्रदेश बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने कहा कि यह बयान सिर्फ गलती नहीं, बल्कि एक बीमार, विकृत और अपराधी मानसिकता की स्वीकारोक्ति है. उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या 'संविधान बचाओ' के नारे के पीछे महिलाओं और दलितों के खिलाफ ऐसी सोच है? बीजेपी नेताओं ने मांग की है कि कांग्रेस तुरंत माफी मंगवाए और बरैया को पार्टी से निकाले.
सोशल मीडिया पर भी लोग भड़के हुए हैं. कई यूजर्स ने इसे घृणित और अस्वीकार्य बताया है. महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वाला यह बयान समाज में गलत संदेश दे रहा है. अभी तक कांग्रेस पार्टी या विधायक बरैया की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफी नहीं आई है. यह घटना फूल सिंह बरैया के पुराने विवादास्पद बयानों की कड़ी है. पहले भी वे एससी-एसटी नेताओं की तुलना कुत्तों से करने और अन्य मुद्दों पर विवाद में रहे हैं.