चित्रकूट: मध्य प्रदेश के चित्रकूट जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं. मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर है और इसका जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. नदी का पानी बढ़ने से रामघाट समेत कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है. करीब 12 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं.
सतना और चित्रकूट के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने से मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है. कुछ दिन पहले नदी का पानी कम होने लगा था, लेकिन बारिश के बाद एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया. नदी के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
मानिकपुर के पास डोडा डैम के ओवरफ्लो होने के बाद उसके क्षतिग्रस्त होने से आसपास के इलाकों में पानी भर गया. निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं.
दो दिन पहले मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से रामघाट समेत करीब 12 गांव प्रभावित हुए थे. कई लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे, जिन्हें सेना के हेलिकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया था. प्रशासन की ओर से लोगों से बाढ़ प्रभावित और नदी के आसपास के इलाकों में नहीं जाने की अपील की जा रही है.
रामघाट पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए PAC की एक कंपनी तैनात की गई है. वहीं, रामघाट को हनुमान धारा से जोड़ने वाला पुल गिरने के कारण लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है. पुल टूटने के बाद लोगों को जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है.
मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर का असर रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है. कई निचले इलाकों में पानी फैल गया है. इससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
बाढ़ का असर सतना में भी दिखाई दे रहा है. सतना-मानिकपुर रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया. ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे कर्मचारियों ने इंजन के आगे पैदल चलकर पटरियों की स्थिति की जांच की. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में रेलवे ट्रैक पर जलभराव के बीच यात्री ट्रेन और मालगाड़ी दिखाई दे रही हैं.
ऐसे में रेलवे की ओर से ट्रैक की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है. प्रशासन संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रहा है. जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है.