मध्य प्रदेश के सीधी जिले की लीला साहू एक बार फिर चर्चा में हैं. गर्भावस्था के अंतिम चरण में पहुंच चुकी लीला ने सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से सीधा अनुरोध करते हुए कहा है कि अब समय आ गया है कि वे अस्पताल भेजने के लिए हेलीकॉप्टर भेजें. यह मांग उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए सामने रखी है, जो सांसद के पूर्व बयान पर आधारित है.
रामपुर नैकिन जनपद पंचायत के गांव खड्डी खुर्द की रहने वाली लीला साहू इन दिनों अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर लगातार आवाज उठा रही हैं. मंगलवार को उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, “सांसद जी, अब मेरा 9वां महीना चल रहा है, दर्द भी शुरू हो गया है. आपने कहा था कि समय आने पर हेलीकॉप्टर भेज दूंगा, तो अब वह समय आ गया है. आप खुद ही कह चुके हैं कि हमें हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाएंगे.” इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है.
"मुझे बहुत दर्द हो रहा है, आप उठवाने की बात कर रहे थे, अब जरूरत है उठवा लिजिए सासंद जी"
लीला साहू ने सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से हेलिकॉप्टर की मांग की है. कुछ दिनों पहले बड़ी-बड़ी बात करने वाले सांसद महोदय का इसपर क्या जवाब आता है, देखना दिलचस्प होगा@DrRajesh4BJP #leelasahu pic.twitter.com/Q0XI6M4Npy— Prateek Yadav (Journalist) (@prateek_ky) July 22, 2025Also Read
लीला की यह लड़ाई अचानक शुरू नहीं हुई, बल्कि इसकी जड़ें बेहद दर्दनाक हैं. पिछले वर्ष गांव की दो गर्भवती महिलाओं की समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण मौत हो गई थी. गांव में एंबुलेंस पहुंचने का रास्ता नहीं था, इसलिए उन्हें खाट पर लिटाकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दर्द अधिक होने के कारण रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. तभी से लीला ने गांव में सड़क बनवाने का बीड़ा उठाया है और सोशल मीडिया के ज़रिए लगातार प्रशासन और नेताओं से गुहार लगा रही हैं.
जब स्थानीय सांसद की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई, तब चुरहट से कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने लीला की मांग पर ध्यान देते हुए गांव में सड़क निर्माण का काम शुरू करवा दिया. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सड़क का निर्माण विधायक निधि से हो रहा है या निजी खर्च से. विधायक प्रतिनिधि ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री ने इस मामले पर कहा, “जब एक गर्भवती महिला सड़क के लिए इस तरह गुहार लगाए, तो यह प्रशासन के लिए शर्म की बात है.” फिलहाल सड़क निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन लीला की डिलीवरी से पहले उसका पूरा होना अभी मुश्किल लग रहा है.