छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा सीट से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के बयान ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है. पूर्व विधायक ने कुछ कथावाचकों और धर्मगुरुओं को लेकर बेहद तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले कथावाचकों को जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाना चाहिए.
उनके इस बयान का वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आरडी प्रजापति यह बयान भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य, धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य पर सीधा हमला बोला.
उन्होंने रामभद्राचार्य को अंधाचार्य कहकर संबोधित किया और उनकी मां को लेकर अभद्र टिप्पणी की. पूर्व विधायक ने कहा कि कुछ कथावाचक व्यास पीठ से बैठकर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य जैसे कथावाचक महिलाओं को खाली प्लॉट जैसी उपमाओं से जोड़ते हैं. आरडी प्रजापति ने कहा कि बहन बेटियों को जमीन या प्लॉट बताना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता.
उन्होंने कथावाचकों के उन बयानों का हवाला दिया, जिनमें 20 से 25 साल की युवतियों को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई हैं.
पूर्व विधायक ने सवाल उठाया कि यदि कोई महिला विधवा हो जाती है तो क्या उसका सिंदूर और मंगलसूत्र हटने से वह खाली प्लॉट बन जाती है.
उन्होंने कहा कि प्लॉट का मतलब जमीन होता है, जिसे खरीदा और बेचा जा सकता है, लेकिन महिलाओं को इस नजर से देखना समाज के लिए खतरनाक सोच है.
आरडी प्रजापति ने यह भी कहा कि देश में कुछ धर्मगुरु करोड़ों की भीड़ जुटाकर इस तरह की भाषा बोलते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने मांग की कि ऐसे कथावाचकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए.
आरडी प्रजापति के राजनीतिक सफर की बात करें तो 2013 में बीजेपी के टिकट पर विधायक बने थे. 2018 में उनके बेटे राजेश प्रजापति को बीजेपी से टिकट मिला था और वह 2023 तक विधायक रहे. 2024 के लोकसभा चुनाव में आरडी प्रजापति सपा के टिकट पर टीकमगढ़ से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.