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‘अगर हिम्मत है तो आकर दिखाओ...’ भोजशाला पर पुलिस अफसर की चेतावनी, वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित किए जाने के बाद धार में माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है. फैसले के बाद पहले शुक्रवार को प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया.

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Edited By: Reepu Kumari
‘अगर हिम्मत है तो आकर दिखाओ...’ भोजशाला पर पुलिस अफसर की चेतावनी, वीडियो वायरल

भोजशाला विवाद पर आए हाई कोर्ट के फैसले के बाद धार में सुरक्षा व्यवस्था अचानक चर्चा का केंद्र बन गई है. कई वर्षों से चले आ रहे मंदिर-मस्जिद विवाद के बीच अब प्रशासन किसी भी स्थिति को लेकर सतर्क दिखाई दे रहा है. फैसले के बाद पहला शुक्रवार होने की वजह से इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया.

इसी दौरान धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में वे कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को खुली चेतावनी देते नजर आए. उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है.

परिसर में कड़ी सुरक्षा

फैसला आने के एक सप्ताह बाद प्रशासन ने परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है, जहां पिछले शुक्रवार तक नमाज की अनुमति थी. दशकों पुराने मस्जिद या मंदिर विवाद पर अपने फैसले में, न्यायालय ने परिसर को मंदिर घोषित कर हिंदुओं के लिए पूजा का मार्ग प्रशस्त किया.

अब, फैसले के बाद पहले शुक्रवार को, जिला प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. परिसर में कुछ समूहों द्वारा शुक्रवार की नमाज अदा करने के प्रयासों को लेकर आशंकाओं के बीच, धार के पुलिस अधीक्षक का एक वीडियो वायरल हो गया है. वीडियो में एसपी सचिन शर्मा उपद्रवियों को कड़ी चेतावनी देते नजर आ रहे हैं.

'जिस किसी में भी हिम्मत है...'

जीप पर खड़े शर्मा शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं. वायरल वीडियो में शर्मा कहते हैं, 'जिस किसी में भी हिम्मत है या जो कानून को चुनौती देने का साहस रखता है, वह कल यानि आज (शुक्रवार) कोशिश करे. हम पूरी तरह तैयार हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.'

भीड़ ने बढ़ाया उत्साह

उन्होंने आगे कहा कि कानून व्यवस्था हर कीमत पर कायम रखी जाएगी और कोई भी सोशल मीडिया पर अफवाहें या अदालत के आदेश के विकृत संस्करण फैलाने की कोशिश न करे. पुलिस अधिकारी ने अपना भाषण भारत माता की जय  के नारे के साथ समाप्त किया, जिसमें भीड़ ने भी उनका साथ दिया और उनका उत्साह बढ़ाया.

हिंदुओं के पक्ष में सुनाया फैसला

2003 से, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने भोजशाला परिसर में मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज की अनुमति दी थी . हिंदू समूहों ने एएसआई के इस आदेश को चुनौती दी थी और 15 मई को, एक लंबे कानूनी मुकदमे के बाद, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विवादित परिसर को मंदिर घोषित कर हिंदुओं द्वारा पूजा की अनुमति दे दी.

आदेश को चुनौती

मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. इसमें कहा गया था कि राज्य के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर है.

इस मामले पर फैसला सुनाते हुए उच्च न्यायालय की पीठ ने यह भी कहा था कि मुस्लिम समुदाय मस्जिद के निर्माण के लिए जिले में अलग से जमीन के आवंटन हेतु मध्य प्रदेश सरकार से संपर्क कर सकता है.