मध्य प्रदेश: ट्विशा शर्मा मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को जांच करने के लिए कहा है. बता दें कि ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं. उनके परिवार ने उनके पति समर्थ और ससुरालवालों पर दहेज इत्पीड़न का आरोप लगाया था. परिवार का कहना है ट्विशा बहुत परेशान थी. वहीं, ससुरालवालों का कहना है ट्विशा नशे की आदी थीं.
राज्य के गृह विभाग ने अब आधिकारिक तौर पर CBI को इस मामले की जांच अपने हाथ में लेने की अनुमति दे दी है. यह फैसला दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया गया है. इस आदेश पर गृह सचिव कृष्णवेणी देशावतु ने हस्ताक्षर किए हैं. वहीं, इसे CBI निदेशक, केंद्रीय गृह सचिव, मध्य प्रदेश के DGP, भोपाल पुलिस आयुक्त और अन्य शीर्ष अधिकारियों को भेजा, जिससे मामले से जुड़ी फाइलें जल्द से जल्द ट्रांसफर की जा सकें.
#WATCH | Twisha Sharma death case | Madhya Pradesh: With her lawyer Enosh George, Twisha Sharma's mother-in-law Giribala Singh leaves from her residence, in Bhopal.
Madhya Pradesh government has recommended CBI investigation into the death case. pic.twitter.com/FDTHQkS3YX— ANI (@ANI) May 22, 2026Also Read
अब तक स्थानीय पुलिस ने ट्विशा मामले की जांच की थी. ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलफ दहेज संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया था. बतां दें कि समर्थ सिंह अभी फरार है और इस पर 30,000 रुपये का इनाम रखा गया है. बता दें कि पुलिस ने अदालत का रुख किया है, जिससे उनका पासपोर्ट रद्द किया जा सके.
ट्विशा के परिवार ने उसकी मौत को लेकर कई सवाल उठाएं हैं. उनका कहना है कि ट्विशा की मौत के तुरंत बाद उसकी सास गिरिबाला सिंह ने कई न्यायपालिका के लोगों को फोन किए थे. इनमें आईएएस और आईपीएस अधिकारी शामिल था.