शिवमोग्गा: कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में एक दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय पशु चिकित्सक की मौत हो गई. तावरेकोप्पा लायन एंड सफारी जू में ड्यूटी के दौरान दरियाई घोड़े के हमले में युवा डॉक्टर की जान चली गई, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर है.
मृतका की पहचान बेंगलुरु निवासी समीक्षा रेड्डी के रूप में हुई है, जो कॉन्ट्रैक्ट पर इस जू में पशु चिकित्सक के रूप में कार्यरत थीं. जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब 10.30 बजे उन्होंने एक सन कोंयूर पक्षी का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया था. इसके बाद रात करीब 11.45 बजे वह एक गर्भवती दरियाई घोड़ी की जांच के लिए पहुंचीं.
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान वह थर्मल कैमरे का इस्तेमाल कर रही थीं, तभी अचानक दरियाई घोड़े ने उन पर हमला कर दिया. हमला इतना तेज था कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही वह गंभीर रूप से घायल हो गईं.
घटना के तुरंत बाद उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की. हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
इस हादसे के बाद ईश्वर खंड्रे ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़ी है और नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा.
मंत्री ने राज्य के सभी चिड़ियाघरों में काम करने वाले पशु चिकित्सकों को सख्ती से सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों के इलाज के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP का पालन अनिवार्य किया जाए.
साथ ही इस पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं. वरिष्ठ पशु चिकित्सकों और वन अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जिसे सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
यह घटना वन्यजीवों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों के सामने मौजूद खतरों को उजागर करती है. विशेषज्ञों का कहना है कि जंगली जानवरों के व्यवहार का अनुमान लगाना कठिन होता है, ऐसे में सुरक्षा उपायों में किसी भी तरह की लापरवाही घातक साबित हो सकती है. इस हादसे ने पशु चिकित्सा क्षेत्र और वन विभाग के कर्मचारियों को झकझोर कर रख दिया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर नई बहस छेड़ दी है.