प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेंगलुरु दौरे के दौरान काफिले के लिए तय किए गए रास्ते के पास दो जिलेटिन स्टिक मिलने से हड़कंप मच गया था. घटना सामने आते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया. कर्नाटक सरकार ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है. अब जांच में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी अब इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई है.
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि एक व्यक्ति ने फोन कर उस जगह पर विस्फोटक होने की सूचना दी थी. सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई. जांच के दौरान दो जिलेटिन स्टिक बरामद की गईं. गृह मंत्री के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामला किसी बड़ी साजिश से जुड़ा है या नहीं.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पैकेट रविवार सुबह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से करीब डेढ़ से दो घंटे पहले मिला था. इस रास्ते से पीएम का काफिला गुजरने वाला था. एक पुलिस कांस्टेबल ने सड़क किनारे दीवार के पास संदिग्ध वस्तु देखी. सूचना मिलते ही एरिया डोमिनेशन टीम मौके पर पहुंची. जांच के दौरान जिलेटिन स्टिक बरामद हुई.
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी इस मामले की जांच करेगी. NIA की टीम बेंगलुरु पहुंच चुकी है. वह स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जिलेटिन स्टिक वहां कैसे पहुंचीं और इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है.
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण समय रहते संदिग्ध सामग्री बरामद कर ली गई, जिससे कोई बड़ा खतरा टल गया. गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा कि राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं और इस मामले में भी सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया.