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Karnataka Politics: सिद्धारमैया ने CM पद छोड़ा, राज्यसभा जाने से किया इनकार; कांग्रेस में हलचल बढ़ी

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्यसभा जाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है. कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद उनके इस कदम को नाराजगी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

Dhiraj Kumar Dhillon
Karnataka Politics: सिद्धारमैया ने CM पद छोड़ा, राज्यसभा जाने से किया इनकार; कांग्रेस में हलचल बढ़ी
Courtesy: Google

कर्नाटक की राजनीति से बड़ी जल्दी-जल्दी अपडेट सामने आ रहे हैं. फिलहाल बड़ा अपडेट यह है कि सिद्धारमैया ने आलाकमान के कहने पर मुख्यमंत्री पद से तो इस्तीफा सौंप दिया है लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में आने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. बता दें कि सिद्धारमैया को राज्यसभा में सीट ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने इसके लिए ना कह दिया है. सिद्धारमैया ने इसके लिए कारण बताया है कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी रूचि नहीं है. एक तरह से यह सिद्धारमैया की नाराजगी का संकेत माना जा रहा है. इससे पहले उन्होंने इस्तीफा सौंपने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मतदाताओं को अपना भगवान बताते हुए कुछ इसी तरह के संकेत दिए.

सिद्धारमैया ने इन अटकलों पर लगाया विराम 

बता दें कि जब कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा में आने का ऑफर सिद्धारमैया को दिया तो सियासी गलियारों में उन्हें नीतीश कुमार बनाए जाने की अटकलें शुरू हो गई थीं. कुछ दिन पहले ही बीजेपी ने बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी मुख्यमंत्री के बदले राज्यसभा में लाकर बिहार की राजनीति से अलग कर दिया. कांग्रेस ने भी उसी तर्ज पर सिद्धारमैया को कर्नाटक की राजनीति से अलग करने का प्रयास किया लेकिन यह प्रयास फिलहाल परबान चढ़ता नजर नहीं आ रहा है.

वरुणा विधानसभा से विधायक बने रहेंगे

कनार्टक का वरुणा विधानसभा क्षेत्र उनके परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, और सिद्धारमैया फिलहाल वरुणा से ही विधायक हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने विधायकी का कार्यकाल पूरा करने की बात कही है. बता दें कि कर्नाटक विधानसभा के चुनाव 2023 में हुए थे, अभी भी विधायक के तौर पर उनका दो साल का कार्यकाल बाकी है. सिद्धारमैया ने साफ कर दिया है कि वे कर्नाटक में ही रहेंगे, दिल्ली जाने का उनका कोई इरादा नहीं है. बता दें कि अल्पसंख्यक, पिछड़े हिंदुओं और दलितों में सिद्धारमैया की खास पकड़ जाती है. अब देखना होगा कि 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस पकड़ का फायदा किसे मिलने वाला है.