कर्नाटक में गृह लक्ष्मी योजना के तहत आर्थिक मदद पाने वाली महिलाओं के लिए अहम खबर है. सरकार ने योजना के सभी पंजीकृत लाभार्थियों का नए सिरे से सत्यापन कराने का फैसला किया है. यह प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू होकर एक महीने में पूरी करने का लक्ष्य है. इसमें घर-घर सर्वे के साथ बायोमेट्रिक और चेहरे की पहचान का इस्तेमाल होगा. सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में कई लाभार्थियों की मृत्यु, पलायन और आय से जुड़े बदलाव सामने आए हैं.
सरकारी आदेश के अनुसार पुनर्सत्यापन अभियान में कर्मचारी लाभार्थियों के घर पहुंचेंगे. उन्हें गणना प्रपत्र दिया जाएगा, जिसे भरकर जमा करना होगा. लाभार्थी के नहीं मिलने पर परिवार का सदस्य भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है. मोबाइल एप के जरिए लाभार्थी की तस्वीर और उसके घर का GPS स्थान भी दर्ज किया जाएगा.
सत्यापन के दौरान चेहरे की पहचान और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा. जो महिलाएं घर पर नहीं मिलेंगी या फेस ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं कर पाएंगी, उन्हें सूचना भेजी जाएगी. इसके बाद वे उचित मूल्य की दुकान या नजदीकी कर्नाटक वन, ग्राम वन और बेंगलुरु वन केंद्रों पर जाकर प्रमाणीकरण करा सकेंगी.
गृह लक्ष्मी योजना अगस्त 2023 में शुरू की गई थी. इसके तहत घर की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये दिए जाते हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1.24 करोड़ लाभार्थियों को 32 किस्तों के रूप में सहायता मिल चुकी है. योजना पर अब तक 76,951.13 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं.
सरकार ने पुनर्सत्यापन की जरूरत के पीछे कई कारण बताए हैं. कुछ लाभार्थियों की मृत्यु या दूसरे स्थान पर जाने के मामले सामने आए हैं. इसके अलावा कुछ लाभार्थियों या उनके पतियों के आयकर और GST रिटर्न दाखिल करने की जानकारी भी मिली है. सरकार अब वास्तविक पात्रता की जांच कर योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है.